बेहतर गुणवत्ता वाले चावल की आपूर्ति के फैसले से होगी सालाना 2,161 करोड़ रुपये की बचत

बेहतर गुणवत्ता वाले चावल की आपूर्ति के फैसले से होगी सालाना 2,161 करोड़ रुपये की बचत

बेहतर गुणवत्ता वाले चावल की आपूर्ति के फैसले से होगी सालाना 2,161 करोड़ रुपये की बचत
Modified Date: July 2, 2026 / 09:09 pm IST
Published Date: July 2, 2026 9:09 pm IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) राशन की दुकानों के जरिये कम टूटे हुए दाने वाले बेहतर गुणवत्ता के चावल आपूर्ति करने के सरकार के फैसले को सभी राज्यों में चरणों में लागू किया जाएगा ताकि बदलाव आसानी से हो सके और इस कदम से सालाना लागत में 2,161 करोड़ रुपये की कमी आएगी।

बुधवार को, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने राशन की दुकानों के जरिये 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को वितरित किए जाने वाले चावल की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का फैसला किया। इसके लिए कुल आपूर्ति में टूटे हुए चावल का प्रतिशत कम किया जाएगा।

केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में जानकारी दी कि मंत्रिमंडल ने राशन की दुकानों के जरिये आपूर्ति किए जाने वाले टूटे हुए चावल की सीमा को कम करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि चावल की बोरियों पर क्यूआर-कोड लगाया जाएगा ताकि उनकी ट्रेसिबिलिटी (ट्रैक करने की सुविधा) सुनिश्चित हो सके। इससे परिवहन, भंडारण और रखरखाव की लागत कम होगी।

कच्चे चावल के लिए, सीमा को 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। उसना चावल के लिए, इसे 16 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।

बृहस्पतिवार को एक बयान में, खाद्य मंत्रालय ने कहा कि सीसीईए ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (जीएमजीकेएवाई) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत आपूर्ति किए जाने वाले चावल की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए एक अहम सुधार को मंजूरी दी है।

इस सुधार में चावल की बोरियों पर क्यूआर-कोड लगाना शामिल है ताकि पूरी आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी हो सके। इससे पीडीएस में पारदर्शिता, जवाबदेही और भंडार प्रबंधन मजबूत होगा और साथ ही रिसाव को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


लेखक के बारे में