दिल्ली की आर्थिक वृद्धि दर 2025-26 में नौ प्रतिशत रहने का अनुमान
दिल्ली की आर्थिक वृद्धि दर 2025-26 में नौ प्रतिशत रहने का अनुमान
नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) कोविड महामारी के बाद के वर्षों में तेज आर्थिक वृद्धि दर्ज करने के बाद अब दिल्ली की अर्थव्यवस्था की रफ्तार में कमी और स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को हाल ही में जारी राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के आंकड़ों के हवाले से यह जानकारी दी।
जीएसडीपी किसी राज्य की आर्थिक प्रगति को मापने का सबसे प्रमुख पैमाना होता है।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली का कुल सकल घरेलू उत्पाद बढ़कर 13,27,055 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
आंकड़ों से पता चलता है कि महामारी की पाबंदियां हटने के बाद दिल्ली की वृद्धि दर वर्ष 2021-22 में चढ़कर करीब 17 प्रतिशत पर पहुंच गई थी।
इसके बाद अर्थव्यवस्था सामान्य होने के साथ यह 2022-23 में 14 प्रतिशत और 2023-24 में लगभग 12 प्रतिशत पर आ गई।
इसके बाद वर्ष 2024-25 में इसमें नौ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और वित्त वर्ष 2025-26 में भी इसमें इतनी ही बढ़ोतरी यानी नौ प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान है।
दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र (जैसे बैंकिंग, आईटी और होटल आदि) का सबसे बड़ा योगदान है।
वर्ष 2025-26 के दौरान दिल्ली की कुल आर्थिक गतिविधियों में अकेले सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 86.32 प्रतिशत रही।
इसके बाद उद्योग क्षेत्र का योगदान 12.88 प्रतिशत और कृषि जैसे प्राथमिक क्षेत्र का योगदान मात्र 0.80 प्रतिशत रहा।
भाषा सुमित अजय
अजय

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