अगले वित्त वर्ष में नरम पड़ सकती है ‘लक्जरी’ घरों की मांग: सर्वेक्षण

अगले वित्त वर्ष में नरम पड़ सकती है 'लक्जरी' घरों की मांग: सर्वेक्षण

अगले वित्त वर्ष में नरम पड़ सकती है ‘लक्जरी’ घरों की मांग: सर्वेक्षण
Modified Date: January 25, 2026 / 04:23 pm IST
Published Date: January 25, 2026 4:23 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) देश के प्रमुख शहरों में ‘लक्जरी’ घरों की मांग और कीमतों में अगले वित्त वर्ष (2026-27) के दौरान कुछ नरमी देखने को मिल सकती है। संपत्ति सलाहकार ‘इंडिया सोदबी इंटरनेशनल रियलिटी’ (आईएसआईआर) के एक ताजा सर्वेक्षण में शामिल 56 प्रतिशत अमीर उत्तरदाताओं ने इस ओर इशारा किया है।

आईएसआईआर ने भारत की आर्थिक वृद्धि संभावनाओं, निवेश रणनीतियों और लक्जरी आवासीय बाजार के प्रति नजरिया जानने के लिए लगभग 700 उच्च निवल संपत्ति वाले व्यक्तियों (एचएनआई) और अत्यधिक उच्च निवल संपत्ति वाले व्यक्तियों (यूएचएनआई) के बीच यह सर्वेक्षणक्षण किया है।

रविवार को जारी रिपोर्ट ‘द इंडिया लक्जरी रेजिडेंशियल आउटलुक 2026’ के अनुसार, वैश्विक प्रतिकूलताओं के बावजूद 67 प्रतिशत अमीर भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर आश्वस्त हैं।

आर्थिक परिदृश्य की बात करें तो 72 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 6-7 प्रतिशत के दायरे में रहेगी।

जब सर्वेक्षण में यह पूछा गया कि क्या लक्जरी आवासीय बाजार की वर्तमान मजबूती 2026-27 में कम होगी, तो 56 प्रतिशत ने ‘हां’ में उत्तर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, ”आधे से अधिक लोग वित्त वर्ष 2027 में लक्जरी रियल एस्टेट के प्रति परिदृश्य में सुधार या नरमी की उम्मीद कर रहे हैं।”

आईएसआईआर के प्रबंध निदेशक अमित गोयल ने कहा कि 2025 में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, गोवा और अलीबाग जैसे प्रमुख शहरों में लक्जरी आवासीय बाजार का प्रदर्शन शानदार रहा।

उन्होंने बताया कि अब स्थापित व्यावसायिक घरानों के साथ-साथ स्टार्टअप संस्थापकों, नयी पीढ़ी के उद्यमियों और वरिष्ठ पेशेवरों जैसे ‘नए धन सृजनकर्ताओं’ ने भी बाजार में कदम रखा है।

आईएसआईआर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अश्विन चड्ढा ने कहा कि भारत में करीब 350 अरबपतियों के पास लगभग दो लाख करोड़ डॉलर की संपत्ति है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि लक्जरी आवासीय संपत्तियों की यह मांग केवल ‘चक्रीय’ (अल्पकालिक उतार-चढ़ाव वाली) नहीं है, बल्कि यह ‘संरचनात्मक’ (दीर्घकालिक और बुनियादी) बनी हुई है। जो अर्थव्यवस्था में धन सृजन के साथ मजबूती से जुड़ी हुई है।

चड्ढा ने कहा, ”तेजी जारी है लेकिन अब इसमें थोड़ी स्थिरता या नरमी आ रही है।”

सर्वेक्षण के अन्य निष्कर्षों के अनुसार, आईएसआईआर ने कहा कि 67 प्रतिशत धनी निवेशक रियल एस्टेट से 15 प्रतिशत तक के वार्षिक मुनाफे की उम्मीद करते हैं।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 53 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने ‘पूंजीगत लाभ’ के लिए लक्जरी रियल एस्टेट में निवेश किया, जबकि 47 प्रतिशत ने इसे स्वयं के रहने के लिए खरीदा।

डीएलएफ होम डेवलपर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी आकाश ओहरी ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज का संपन्न खरीदार केवल एक घर नहीं, बल्कि वैश्विक जीवन स्तर के अनुरूप एक पूरा ‘इकोसिस्टम’ चाहता है।

वहीं, डैलकोर प्रोजेक्ट्स के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ चौधरी ने कहा कि ब्रांडेड रेजिडेंस की मांग बढ़ रही है और ये गैर-ब्रांडेड घरों की तुलना में 30-40 प्रतिशत अधिक प्रीमियम पर बिक रहे हैं।

भाषा सुमित पाण्डेय

पाण्डेय


लेखक के बारे में