अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल के दाम तय करेंगे स्थानीय शेयर बाजार की चाल
अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल के दाम तय करेंगे स्थानीय शेयर बाजार की चाल
नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया संकट को लेकर चल रही वार्ताओं से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां अगले सप्ताह स्थानीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।
विश्लेषकों का मानना है कि छुट्टियों के कारण कम कारोबारी सत्रों वाला यह सप्ताह उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है।
‘बकरीद’ के अवसर पर बृहस्पतिवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। इसके अलावा निवेशकों की नजर रुपये-डॉलर की चाल और वैश्विक बाजारों के रुख पर भी रहेगी।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘इस सप्ताह बाजार वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और मुद्रा बाजार की गतिविधियों के प्रति काफी संवेदनशील रहेगा। निवेशक कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान वार्ता, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल पर करीबी नजर रखेंगे, क्योंकि इनका असर विदेशी निवेश प्रवाह और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर पड़ेगा।’’
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है। इससे संकेत मिले हैं कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के समाधान की दिशा में चीजें आगे बढ़ रही हैं।
इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश देने की घोषणा की। माना जा रहा है कि इससे सरकार को बढ़ते आयात बिल और पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े असर से निपटने में मदद मिलेगी।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार भागीदार केंद्रीय बैंक के इस रिकॉर्ड लाभांश के प्रभाव का आकलन करेंगे, खासकर नकदी, सरकारी खर्च और राजकोषीय स्थिति पर इसके असर को लेकर।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और संपदा कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान स्थिति, कूटनीतिक वार्ताओं और कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी खबरों पर निर्भर करेगी। हालांकि, तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों की धारणा में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन वार्ता के अंतिम परिणाम को लेकर अनिश्चितता अब भी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि निवेशक रुपये की चाल, वैश्विक शेयर बाजारों के रुझान, संस्थागत निवेशकों के निवेश प्रवाह और व्यापक आर्थिक संकेतकों पर भी नजर बनाए रखेंगे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार में मजबूत सुधार के लिए कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट, विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश में स्थिरता और कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे बेहतर रहने चाहिए।
पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 177.36 अंक यानी 0.23 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी 75.8 अंक यानी 0.32 प्रतिशत मजबूत हुआ।
भाषा अजय अजय योगेश
अजय

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