एमएसएमई, विमानन कंपनियों के लिए आपातकालीन ऋण गारंटी योजना

एमएसएमई, विमानन कंपनियों के लिए आपातकालीन ऋण गारंटी योजना

एमएसएमई, विमानन कंपनियों के लिए आपातकालीन ऋण गारंटी योजना
Modified Date: May 5, 2026 / 07:53 pm IST
Published Date: May 5, 2026 7:53 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) सरकार ने मंगलवार को एमएसएमई, एयरलाइन और अन्य कंपनियों की कार्यशील पूंजी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद के लिए 18,100 करोड़ रुपये के व्यय वाली आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की घोषणा की। पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों के बीच यह कदम उठाया गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी दी। इससे 2.55 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण प्रवाह उपलब्ध होने की उम्मीद है।

मंत्रिमंडल के निर्णय के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 18,100 करोड़ रुपये के व्यय वाली यह योजना पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित विमानन क्षेत्र, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) दोनों की मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि यह योजना इन क्षेत्रों को बैंक और वित्तीय संस्थानों से अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, इस योजना से संबंधित कंपनियों को अपनी गतिविधियां जारी रखने, रोजगार सुरक्षित रखने और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सरकार ने कहा कि समय पर नकदी उपलब्ध कराकर यह योजना कारोबार को स्थिर रखने और रोजगार बनाये रखने में मदद करेगी। इससे देश के उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों में निरंतरता बनी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एमएसएमई और विमानन क्षेत्र पर वित्तीय दबाव काफी बढ़ गया है।

भाषा रमण योगेश

रमण


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