चीन के महावाणिज्य दूत ने कहा, बाहरी कारक भारत-चीन व्यापार को प्रभावित नहीं करेंगे
चीन के महावाणिज्य दूत ने कहा, बाहरी कारक भारत-चीन व्यापार को प्रभावित नहीं करेंगे
नागपुर, सात फरवरी (भाषा) मुंबई में चीन के महावाणिज्य दूत किन जी ने शनिवार को कहा कि भारत और चीन के बीच व्यापार बाहरी कारकों से प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि दोनों देश बहुत बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, जो बहुपक्षवाद और बहुपक्षीय व्यापार का समर्थन करते हैं।
चीनी महावाणिज्य दूत नागपुर में ‘एडवांटेज विदर्भ 2026’ के तहत आयोजित ‘इंटरनेशनल बिजनेस कॉन्क्लेव’ के मौके पर पीटीआई-भाषा से बात कर रहे थे।
जब उनसे पूछा गया कि भारत द्वारा अन्य देशों के साथ किए जा रहे समझौतों की पृष्ठभूमि में वह दोनों पड़ोसियों के बीच व्यापार की स्थिति को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि बाहरी कारकों से आपसी व्यापार अधिक प्रभावित नहीं होगा।
किन जी ने कहा , ”भारत एक बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था है और चीन भी एक बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था है। हम ऐसे देश हैं जो बहुपक्षवाद, बहुपक्षीय व्यापार और बहुसांस्कृतिक आदान-प्रदान का समर्थन करते हैं।”
अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ भारत के समझौतों पर उनके विचारों के बारे में पूछने पर किन जी ने कहा, ”भारत यूरोपीय संघ या दुनिया के अन्य हिस्सों के साथ अपने संबंधों को तय करने के लिए आजाद है… लेकिन भारत और चीन के बीच हमें सहयोग जारी रखना चाहिए, संबंधों को मजबूत करना चाहिए और कई क्षेत्रों में संचार बनाए रखना चाहिए।”
यह पूछने पर कि क्या भारत को पड़ोसी देशों से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के लिए ‘प्रेस नोट 3’ पर पुनर्विचार करना चाहिए, राजनयिक ने कहा कि उन्होंने ऐसी खबरें पढ़ी हैं, जिनमें संकेत दिया गया है कि भारत पहले ही कुछ बदलावों पर विचार कर रहा है।
उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही सकारात्मक और अच्छा कदम है क्योंकि हमें अपने निवेशकों, हमारे (चीन-भारत) व्यापारिक समुदायों को एक साथ आने की जरूरत है। हमें संस्कृति, शिक्षा और कलात्मक संचार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अधिक सहयोग की आवश्यकता है।”
अप्रैल 2020 में जारी ‘प्रेस नोट 3’ के अनुसार, भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों की संस्थाओं से आने वाले सभी एफडीआई के लिए सरकार की पूर्व अनुमति जरूरी है।
महावाणिज्य दूत ने कहा कि चीन, भारत के साथ आपसी संबंधों, द्विपक्षीय आदान-प्रदान और मित्रता की उम्मीद करता है।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय

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