कारखानों में काम करने वालों का वेतन प्रवेश स्तर की दफ्तर की नौकरियों के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा

कारखानों में काम करने वालों का वेतन प्रवेश स्तर की दफ्तर की नौकरियों के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा

कारखानों में काम करने वालों का वेतन प्रवेश स्तर की दफ्तर की नौकरियों के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा
Modified Date: March 26, 2026 / 04:25 pm IST
Published Date: March 26, 2026 4:25 pm IST

मुंबई, 26 मार्च (भाषा) देश में कारखानों और शारीरिक श्रम से जुड़े काम करने वाले कामगारों की न्यूनतम तनख्वाह में सालाना आधार पर 8.60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। नौकरियों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने वाले डिजिटल मंच वर्कइंडिया की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह बढ़ोतरी दफ्तरों में काम करने वाली शुरुआती स्तर की नौकरियों से ज्यादा है। इससे रोजगार के स्वरूप में बदलाव का संकेत मिलता है।

रिपोर्ट में कहा गया कि इन कामगारों की औसत न्यूनतम तनख्वाह 2025 में बढ़कर 15,265 रुपये हो गई, जो 2024 के 14,056 रुपये थी। वहीं, दफ्तरों की शुरुआती नौकरियों में तनख्वाह 14,760 रुपये से बढ़कर 15,756 रुपये हुई, जो अपेक्षाकृत धीमी बढ़ोतरी है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि डिलीवरी, ड्राइवर और वाहन से जुड़े कामों में तनख्वाह में 16 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कारखानों में काम करने वालों की तनख्वाह करीब 11 प्रतिशत बढ़ी है। इससे स्पष्ट है कि कुशल कामगारों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

इसके उलट, दफ्तरों में किए जाने वाले कई कामों में उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण तनख्वाह में बढ़ोतरी धीमी रही है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पुरुष और महिला के वेतन में अंतर अब भी बना हुआ है। पुरुषों की औसत न्यूनतम तनख्वाह 2025 में बढ़कर 16,456 रुपये हो गई, जबकि महिलाओं की तनख्वाह 13,863 रुपये रही। इससे साफ है कि अधिकांश क्षेत्रों में महिलाएं अब भी पुरुषों से कम वेतन पा रही हैं।

यह रिपोर्ट 2024 और 2025 के दौरान मंच से जुड़े करीब 18 लाख नियोक्ताओं के आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है।

वर्कइंडिया के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अब भी सबसे अधिक वेतन मिलता है, जहां औसत न्यूनतम तनख्वाह 2025 में 21,858 रुपये तक पहुंच गई। वहीं, परिचालन से जुड़े क्षेत्रों में वेतन वृद्धि सबसे तेज देखी जा रही है।

भाषा योगेश रमण

रमण


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