गेल का एलएनजी मालवाहक पोत ‘एनर्जी फिडेलिटी’ अमेरिका से रवाना

गेल का एलएनजी मालवाहक पोत ‘एनर्जी फिडेलिटी’ अमेरिका से रवाना

गेल का एलएनजी मालवाहक पोत ‘एनर्जी फिडेलिटी’ अमेरिका से रवाना
Modified Date: April 22, 2026 / 10:50 am IST
Published Date: April 22, 2026 10:50 am IST

(सीमा हाकू काचरू)

ह्यूस्टन, 22 अप्रैल (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की प्राकृतिक गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड का एलएनजी मालवाहक पोत ‘एनर्जी फिडेलिटी’ अमेरिका के साबाइन पास टर्मिनल से रवाना हो गया है।

यह 1,74,000 घन मीटर (सीबीएम) क्षमता वाला पोत 20 अप्रैल को रवाना हुआ और अब भारत की ओर जा रहा है।

गेल ने बयान में कहा कि इस समारोह की अध्यक्षता ह्यूस्टन (टेक्सास) में भारत के महावाणिज्य दूत डी. सी. मंजूनाथ ने की।

मंजूनाथ ने कहा, ‘‘ यह समारोह भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी के मजबूत और बढ़ते संबंध का प्रतीक है जो विश्वसनीयता, नवाचार एवं दीर्घकालिक सुरक्षा जैसी साझा प्राथमिकताओं पर आधारित है।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसका रवाना होना भारत के 3टी-ट्रेड (व्यापार), टेक्नोलॉजी (प्रौद्योगिकी) और टूरिज्म (पर्यटन) पर केंद्रित दृष्टिकोण के अनुरूप है जो ऊर्जा सुरक्षा के साझा लक्ष्यों एवं आपसी विश्वास पर आधारित गहराते सहयोग को दर्शाता है।

कंपनी के अनुसार, ‘एनर्जी फिडेलिटी’ गेल के भविष्य-उन्मुख शिपिंग खंड का प्रमुख हिस्सा है। अधिकतम दक्षता से तैयार किया गया यह पोत उन्नत ‘एयर लुब्रिकेशन सिस्टम‘ और विशेष प्रणोदन प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है जिससे समुद्री यात्रा के दौरान कार्बन उत्सर्जन कम होता है।

कंपनी के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ यह उन्नत एलएनजी पोत भारत को मजबूत एवं भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली बनाने की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है।’’

उन्होंने कहा कि यह पोत देश की वृद्धि को समर्थन देने के लिए स्वच्छ ईंधन की स्थिर एवं विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

कंपनी के अनुसार, इस पोत की तैनाती भारत के ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ का समर्थन करती है जिसका उद्देश्य एक विश्वस्तरीय एवं टिकाऊ बेड़ा तैयार करना है ताकि देश को गैस-आधारित आर्थिक गतिविधियों की ओर अग्रसर किया जा सके।

बयान के अनुसार, गेल के लिए ‘एनर्जी फिडेलिटी’ केवल एक परिवहन साधन नहीं बल्कि देश की आंतरिक विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस समर्पित लॉजिस्टिक मार्ग के माध्यम से गेल प्रगति को गति देने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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