सोने का वायदा भाव 10 प्रतिशत से अधिक टूटकर 1.29 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर

सोने का वायदा भाव 10 प्रतिशत से अधिक टूटकर 1.29 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर

सोने का वायदा भाव 10 प्रतिशत से अधिक टूटकर 1.29 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर
Modified Date: March 23, 2026 / 03:40 pm IST
Published Date: March 23, 2026 3:40 pm IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) वायदा कारोबार में सोने की कीमतें सोमवार को 10 प्रतिशत से अधिक टूटकर 1.29 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गईं।

वैश्विक स्तर पर बिकवाली, बढ़ती मुद्रास्फीति की आशंकाओं और मजबूत अमेरिकी डॉलर के बीच वायदा कारोबार में सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का अप्रैल में आपूर्ति वाला अनुबंध 14,897 रुपये यानी 10.3 प्रतिशत गिरकर 1,29,595 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।

सोना अब 29 जनवरी 2026 को दर्ज अपने सर्वकालिक उच्चस्तर 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम से 63,501 रुपये यानी करीब 33 प्रतिशत नीचे आ चुका है।

विश्लेषकों के अनुसार, इस तेज गिरावट के पीछे महंगाई बढ़ने की आशंका और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है, जिससे वैश्विक आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा कि कीमती धातुओं में भारी बिकवाली के कारण सोमवार को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

उन्होंने बताया कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल के कारण बाजार में नकदी निकालने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे सोने की पारंपरिक सुरक्षित निवेश की छवि कमजोर पड़ी है।

पिछले सप्ताह घरेलू बाजार में सोना 13,974 रुपये यानी 8.82 प्रतिशत गिरकर लगभग 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वैश्विक स्तर पर अप्रैल आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव 474.9 डॉलर यानी 10.4 प्रतिशत गिरकर कारोबार के दौरान 4,100 डॉलर प्रति औंस तक आ गया।

ऑगमॉन्ट की शोध प्रमुख रेनिशा चेनानी ने कहा कि पिछले सप्ताह सोने में करीब 500 डॉलर की भारी गिरावट आई, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। पिछले तीन सप्ताह में सोना लगभग 17 प्रतिशत टूट चुका है।

उन्होंने बताया कि यह गिरावट मुख्य रूप से बड़े निवेशकों, खासकर अरब खाड़ी क्षेत्र के संस्थागत निवेशकों द्वारा धन जुटाने के लिए की गई बिक्री के कारण हुई है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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