सरकार ने चांदी आयात को मुक्त से प्रतिबंधित श्रेणी में किया
सरकार ने चांदी आयात को मुक्त से प्रतिबंधित श्रेणी में किया
नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) सरकार ने शनिवार को चांदी के आयात पर अंकुश लगाते हुए इसे प्रतिबंधित श्रेणी में रखने का निर्णय किया। इसके तहत चांदी के आयात को अब लाइसेंस प्रणाली के अंतर्गत लाया गया है। कीमती धातुओं पर भारी सीमा शुल्क लगाने के कुछ ही दिनों बाद यह कदम उठाया गया है।
सरकार ने 13 मई को कीमती धातुओं… सोना और चांदी… पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। प्रभावी शुल्क (3 प्रतिशत आईजीएसटी सहित) 18 प्रतिशत से अधिक है।
यह वृद्धि गैर-जरूरी आयातों पर अंकुश लगाकर विदेशी मुद्रा की निकासी को नियंत्रित करने के लिए की गई थी।
विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा कि सोने और प्लैटिनम के साथ मिलाई जाने वाली चांदी सहित चांदी की आयात नीति को ‘तत्काल प्रभाव से मुक्त से प्रतिबंधित श्रेणी में कर दिया गया है।’
प्रतिबंधित श्रेणी के अंतर्गत आने वाली वस्तुओं के आयात के लिए सरकारी लाइसेंस की आवश्यकता होती है।
हालांकि, आयात प्रतिबंध 100 प्रतिशत निर्यात उन्मुख इकाइयों (ईओयू) और विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) इकाइयों से आयात पर लागू नहीं होंगे। पर इसके लिए शर्त है कि ऐसे आयातित सामान घरेलू बाजार में न बेचे जाएं।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल माह में चांदी का आयात दोगुने से अधिक बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 में, ऊंची कीमतों के कारण आयात लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर तक पहुंच गया। मात्रा के हिसाब से, पिछले वित्त वर्ष में यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन रहा।
चांदी का भाव लगभग 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया है। इस धातु का उपयोग बिजली के स्विच और सौर पैनल से लेकर, इलेक्ट्रिक वाहन और चिकित्सा उपकरण तक में होता है।
पश्चिम एशिया युद्ध के शुरू होने से पहले, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 728.49 डॉलर के अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन एक मई को समाप्त सप्ताह में यह 690 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। इस युद्ध के कारण आयात की लागत बढ़ने से रुपये पर दबाव पड़ा है।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार एक मई को समाप्त सप्ताह में भारत की विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति (एफसीए) घटकर 551.8 अरब डॉलर रह गईं, जबकि स्वर्ण भंडार कम होकर 115 अरब डॉलर रहा। एफसीए विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक है।
भाषा रमण
प्रशांत
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