सरकार ने कर अनुपालन के लिए समयसीमा बढ़ाई, 31 मई तक दाखिल हो सकेगा वित्त वर्ष 2019-20 का आईटीआर

सरकार ने कर अनुपालन के लिए समयसीमा बढ़ाई, 31 मई तक दाखिल हो सकेगा वित्त वर्ष 2019-20 का आईटीआर

सरकार ने कर अनुपालन के लिए समयसीमा बढ़ाई, 31 मई तक दाखिल हो सकेगा वित्त वर्ष 2019-20 का आईटीआर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:16 pm IST
Published Date: May 1, 2021 12:29 pm IST

नई दिल्ली, एक मई (भाषा) सरकार ने शनिवार को विभिन्न आयकर अनुपालनों के लिए समयसीमा को 31 मई तक बढ़ा दिया, जिसके तहत वित्त वर्ष 2019-20 के लिए विलंबित या संशोधित रिटर्न दाखिल करना शामिल है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि उसे अनुपालन आवश्यकताओं में छूट के लिए विभिन्न हितधारकों से अनुरोध मिले थे।

सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुए प्रतिकूल हालात और देश भर में करदाताओं, कर सलाहकारों और अन्य हितधारकों से मिले कई अनुरोधों के मद्देनजर सरकार ने विभिन्न अनुपालन तिथियों की समयसीमा बढ़ाई है।’’

सीबीडीटी ने कहा कि आकलन वर्ष 2020-21 के लिए अधिनियम की धारा 139 की उपधारा चार के तहत विलंबित रिटर्न दाखिल करने, उपधारा पांच के तहत संशोधित रिटर्न दाखिल करने की तारीख पहले 31 मार्च 2021 थी, जिसे बढ़ाकर 31 मई 2021 कर दिया गया है।

इसी तरह अधिनियम की धारा 148 के तहत नोटिस के जवाब में आयकर रिटर्न अब नोटिस में दिए गए समय या 31 मई 2021 तक दाखिल किया जा सकेगा।

विवाद समाधान पैनल (डीआरपी) पर आपत्तियां दर्ज करने और आयुक्त के समक्ष अपील दायर करने की तारीख को 31 मई तक बढ़ा दिया गया है।

नानगिया एंड सीओ एलएलपी के पार्टनर शैलेश कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा आयकरदाताओं को दी गई छूट से उन्हें काफी राहत मिलेगी, हालांकि यदि अगले दो हफ्तों में कोविड की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सरकार को इन समयसीमाओं को आगे और बढ़ाना होगा।

भाषा पाण्डेय मनोहर

मनोहर


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