भारत में 2028 तक उत्पादन क्षमता विस्तार के साथ 3,800 से अधिक रोजगार सृजित करेगी होंडा
भारत में 2028 तक उत्पादन क्षमता विस्तार के साथ 3,800 से अधिक रोजगार सृजित करेगी होंडा
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) जापान की होंडा मोटर कंपनी की दोपहिया इकाई होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुत्सुमु ओतानी ने कहा है कि कंपनी को 2028 तक अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 80 लाख इकाई करने के साथ भारत में 3,800 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने की उम्मीद है।
ओतानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि भारत होंडा की वैश्विक विनिर्माण और निर्यात रणनीति का लगातार अधिक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। कंपनी की उत्पादन क्षमता का उद्देश्य केवल घरेलू मांग को पूरा करना ही नहीं, बल्कि बढ़ते अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों को भी पूरा करना है।
उन्होंने कहा कि हालांकि इलेक्ट्रिक परिवहन होंडा की दीर्घकालिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, लेकिन कंपनी भारत में परंपरागत यानी आंतरिक दहन इंजन (आईसीई), विद्युतीकरण और वैकल्पिक ईंधन प्रौद्योगिकियों को शामिल करने वाली संतुलित, बहु-विकल्पीय रणनीति के प्रति प्रतिबद्ध है।
ओतानी ने कहा, ‘‘ भारत होंडा की वैश्विक विनिर्माण और निर्यात रणनीति का लगातार अधिक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। हमारी उत्पादन क्षमता केवल घरेलू मांग को पूरा करने के लिए ही नहीं, बल्कि बढ़ते अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों को भी पूरा करने के लिए तैयार की गई है।’’
उन्होंने कहा कि निर्यात मांग लगातार बढ़ रही है और ‘‘ हम घरेलू तथा विदेशी, दोनों तरह के ग्राहकों की जरूरतों को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए अपनी विनिर्माण क्षमताओं के विस्तार में निवेश कर रहे हैं।’’
ओतानी ने बताया कि वर्तमान में एचएमएसआई जापान और यूरोप जैसे परिपक्व बाजारों सहित 65 देशों को निर्यात करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे निर्यात प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है। यह 2023-24 के 3.6 लाख इकाई से बढ़कर 2024-25 में 5.1 लाख इकाई और 2025-26 में 6.2 लाख इकाई हो गया। यह होंडा के लिए भारत की रणनीतिक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।’’
कंपनी की हरियाणा के मानेसर, राजस्थान के टपूकड़ा, कर्नाटक के नरसापुरा और गुजरात के विठ्ठलापुर स्थित चार संयंत्रों की कुल वार्षिक स्थापित उत्पादन क्षमता 60 लाख इकाई से अधिक है।
एचएमएसआई ने 2025 में गुजरात के विठ्ठलापुर संयंत्र में 920 करोड़ रुपये के निवेश से नई उत्पादन इकाई जोड़ने की घोषणा की थी, जिसका परिचालन 2027 में शुरू होने वाला है।
ओतानी ने कहा, ‘‘ नई लाइन सालाना 6.50 लाख इकाइयों की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जोड़ेगी, जिससे इस संयंत्र की कुल क्षमता बढ़कर 26.1 लाख इकाई हो जाएगी और यह होंडा का वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा मोटरसाइकिल ‘असेंबली’ संयंत्र बन जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी अन्य विनिर्माण इकाइयों में प्रस्तावित क्षमता विस्तार के साथ भारत में एचएमएसआई की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 2028 तक बढ़कर लगभग 80 लाख इकाई हो जाएगी। इन दोनों विस्तार परियोजनाओं से 3,800 से अधिक नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।’’
दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के बारे में पूछे जाने पर ओतानी ने इसे ‘‘ हरित परिवहन को बढ़ावा देने और वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम’’ करार दिया।
इस ईवी नीति तहत एक अप्रैल, 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण होगा।
भाषा निहारिका अजय
अजय

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