यमुना एक्सप्रेसवे के पास घरों की कीमतें पांच साल में तीन गुना हुईं : रिपोर्ट

यमुना एक्सप्रेसवे के पास घरों की कीमतें पांच साल में तीन गुना हुईं : रिपोर्ट

यमुना एक्सप्रेसवे के पास घरों की कीमतें पांच साल में तीन गुना हुईं : रिपोर्ट
Modified Date: March 26, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: March 26, 2026 7:42 pm IST

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित आवासीय संपत्तियों की औसत कीमतें पिछले पांच साल में करीब तीन गुना हो गई हैं।

रियल एस्टेट क्षेत्र की परामर्श कंपनी स्क्वायर यार्ड्स की एक रिपोर्ट में यह बात गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह तेजी मुख्य रूप से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, खासकर उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कारण आई है।

हालांकि, रिपोर्ट कहती है कि आने वाले समय में कीमतों में वृद्धि की रफ्तार धीमी रहने की उम्मीद है और अगले दो साल में यह बढ़ोतरी करीब 22 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

परामर्श कंपनी स्क्वायर यार्ड्स ने ‘रनवे टू रियल्टी: हाउ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इज रीशेपिंग रियल्टी’ शीर्षक से जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में संपत्ति के दामों में तेज उछाल देखा गया। रिपोर्ट में बताया गया कि इस अवधि में फ्लैट की कीमतें लगभग तीन गुना हो गईं, जबकि प्लॉट की कीमतों में औसतन डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज की गई। कुछ खास इलाकों में यह वृद्धि पांच गुना तक पहुंच गई, जो निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाती है।

रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है, जिसमें प्लॉट की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी और फ्लैट की मांग में बढ़त देखी जा सकती है।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष फ्लैट की औसत कीमत करीब 9,600 रुपये प्रति वर्ग फुट और प्लॉट की कीमत करीब 2,500 रुपये प्रति वर्ग फुट थी। वर्ष 2027 तक इनके क्रमशः 11,800 रुपये और 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंचने का अनुमान है।

कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तनुज शोरी ने कहा कि नोएडा का रियल एस्टेट बाजार इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इसे वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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