छोटी, मझोले सीए कंपनियों के लिए फॉरेंसिक लैब स्थापित कर रहा है आईसीएआई
छोटी, मझोले सीए कंपनियों के लिए फॉरेंसिक लैब स्थापित कर रहा है आईसीएआई
नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) हैदराबाद में एक अत्याधुनिक फॉरेंसिक ऑडिटिंग लैब स्थापित करने जा रहा है। इसका उद्देश्य छोटे और मझोले स्तर की चार्टर्ड अकाउंटेट कंपनियों को बड़ी ऑडिट परियोजनाओं में भाग लेने के लिए तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना है।
आईसीएआई के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि फॉरेंसिक ऑडिटिंग तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है, लेकिन छोटे और मझोले स्तर की सीए फर्मों के पास आवश्यक तकनीकी क्षमता और संसाधनों की कमी होने के कारण वे बड़े ऑडिट कार्यों में शामिल नहीं हो पातीं।
उन्होंने कहा कि इस समस्या को ध्यान में रखते हुए संस्थान हैदराबाद स्थित विशिष्टता केंद्र (सीओई) में आधुनिक फॉरेंसिक ऑडिटिंग लैब स्थापित कर रहा है। यह लैब “पैसा दो और इस्तेमाल करो” मॉडल पर आधारित होगी, जहां जरूरत के अनुसार किसी कार्य विशेष के लिए ‘टूल’ उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रसन्न कुमार डी के अनुसार, “अगले दो से तीन महीनों में इस लैब को शुरू कर दिया जाएगा।”
आईसीएआई के पांच लाख से अधिक सदस्य हैं, जिनमें बड़ी संख्या छोटे और मझोले स्तर के सीए हैं। संस्थान का मानना है कि इस पहल से घरेलू सीए फर्मों की क्षमता बढ़ेगी और वे वैश्विक स्तर की लेखा कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी।
भाषा अजय अजय
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