देश में अंतरदेशीय जल मार्गो के जरिये पोत परिवहन सेवाओं के लिये नये मार्गों की पहचान

देश में अंतरदेशीय जल मार्गो के जरिये पोत परिवहन सेवाओं के लिये नये मार्गों की पहचान

देश में अंतरदेशीय जल मार्गो के जरिये पोत परिवहन सेवाओं के लिये नये मार्गों की पहचान
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: December 21, 2020 12:18 pm IST

नयी दिल्ली, 21 दिसंबर (भाषा) देश के तटीय क्षेत्रों में पोत परिवहन गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘रो-रो’ (रोल ऑन- रोल ऑफ) नौका सेवाओं के लिये नए मार्गों की पहचान की है। इसमें सोमनाथ मंदिर, हजीरा, ओखा और जामनगर के मार्ग शामिल हैं।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।

मंत्रालय की सागरमाला परियोजना के तहत छह अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की पहचान भी की गयी है। सागरमाला परियोजना का लक्ष्य देश की 7,500 किलोमीटर लंबी तटीय जलरेखा का लाभ उठाना है। इसके तहत देश में बंदरगाह आधारित विकास को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

बयान में कहा गया है, ‘‘ मंत्रालय ने हजीरा, ओखा, सोमनाथ मंदिर, दीव, पिपावाव, दाहेज, मुंबई या जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह, जामनगर, कोच्चि, घोघा, गोवा, मुंदड़ा और मांडवी जैसे घरेलू स्थानों की पहचान की है। इन स्थानों पर आंतरिक जलमार्गों के माध्यम से फेरी सेवा की शुरूआत की जानी है।’’

इसके अलावा चट्टोग्राम (बांग्लादेश), सिशलीज (पूर्वी अफ्रीका), मेडागास्कर (पूर्वी अफ्रीका) और जाफना (श्रीलंका) जैसे चार अंतरराष्ट्रीय स्थानों को जोड़ने वाले छह अंतरराष्ट्रीय मार्गों की भी पहचान की गयी है।

भाषा

शरद महाबीर

महाबीर


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