इफको ने नैनो उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए 560 जिलों में अभियान शुरू किया

इफको ने नैनो उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए 560 जिलों में अभियान शुरू किया

इफको ने नैनो उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए 560 जिलों में अभियान शुरू किया
Modified Date: April 10, 2026 / 07:23 pm IST
Published Date: April 10, 2026 7:23 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लि. (इफको) ने नैनो तरल उर्वरकों के बारे में जागरूकता पैदा करने और पारंपरिक मिट्टी के पोषक तत्वों के उपयोग को कम करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है।

शुक्रवार को एक बयान में, सहकारी संगठन ने कहा कि उसने भारतीय किसानों के बीच नैनो उर्वरकों को अपनाने के लिए ‘इफको नैनो उर्वरक जागरूकता महाअभियान’ शुरू किया है।

यह अभियान 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों को अपने दायरे में लेगा।

इफको के चेयरमैन दिलीप संघानी ने कहा, ‘‘भारत आज एक ऐतिहासिक चौराहे पर खड़ा है जहां परंपरा तकनीक से मिलती है, और यह संगम है जो भारतीय कृषि के लिए एक नई दिशा बना रहा है।’’

संघानी ने बताया कि इस अभियान का मकसद नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो एनपीके, नैनो जिंक और नैनो कॉपर का बड़े पैमाने पर प्रचार करना है, किसानों को सही तरीके से इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण देना, खासकर पत्तियों पर छिड़काव करना, पुराने उर्वरक पर निर्भरता कम करना और सहकारिता नेटवर्क के जरिए आखिरी आदमी तक पहुंच पक्का करना है।

इफको ने नैनो तरल यूरिया प्लस की 218 लाख से ज्यादा बोतलें और नैनो तरल डीएपी की 64.26 लाख से ज्यादा बोतलें बेची हैं। इसके नैनो जिंक और नैनो कॉपर उत्पादों ने भी अपने पहले साल में एक के बाद क्रमश: एक 57 लाख और दो लाख बोतलों की बिक्री दर्ज की।

संघानी ने कहा, ‘‘नैनो यूरिया प्लस की एक 500 मिलीलीटर की बोतल, पुराने यूरिया की तुलना में कहीं बेहतर पोषक क्षमता देती है और साथ ही मिट्टी की सेहत में गिरावट, पानी के प्रदूषण और भारत की उर्वरक आयात पर निर्भरता जैसी बड़ी चुनौतियों का भी समाधान करती है।’’

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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