भारत-कनाडा एफटीए पर बातचीत का अगला दौर जुलाई में, ओमान-चिली से भी वार्ता आगे बढ़ेगी

भारत-कनाडा एफटीए पर बातचीत का अगला दौर जुलाई में, ओमान-चिली से भी वार्ता आगे बढ़ेगी

भारत-कनाडा एफटीए पर बातचीत का अगला दौर जुलाई में, ओमान-चिली से भी वार्ता आगे बढ़ेगी
Modified Date: May 8, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: May 8, 2026 9:57 pm IST

नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता का अगला दौर जुलाई में ओटावा में होगा जबकि ओमान एवं चिली के साथ भी व्यापार समझौतों को आगे बढ़ाने के लिए अहम बैठकें प्रस्तावित हैं।

वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर वार्ता का अगला दौर जुलाई महीने में ओटावा में होगा।

इस समझौते पर भारत और कनाडा के बीच बातचीत का दूसरा दौर आठ मई को नयी दिल्ली में संपन्न हुआ।

मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने ‘संतुलित, महत्वाकांक्षी और परस्पर लाभकारी’ समझौते के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

पांच दिनों तक चली इस वार्ता में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, बौद्धिक संपदा, मूलस्थान के नियम, स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता उपाय और तकनीकी बाधाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2024-25 में यह व्यापार 8.66 अरब डॉलर रहा।

इस बीच, भारत और ओमान के बीच दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) के शीघ्र क्रियान्वयन पर 11 मई को नयी दिल्ली में चर्चा होने की संभावना है।

एक अधिकारी ने कहा कि ओमान का प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में भारत आ रहा है और समझौते को जल्द लागू करने पर जोर रहेगा।

इस समझौते के तहत भारत के 98 प्रतिशत निर्यात- जैसे वस्त्र, कृषि और चमड़ा उत्पाद को ओमान में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी जबकि भारत खजूर, संगमरमर और पेट्रोरसायन उत्पादों पर शुल्क कम करेगा।

इसके अलावा, चिली के साथ प्रस्तावित एफटीए की दिशा में भी प्रयास तेज होने वाले हैं। चिली के व्यापार मंत्री अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां इस समझौते की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

यह समझौता भारत के लिए अहम है क्योंकि चिली लिथियम भंडार और तांबे का प्रमुख स्रोत है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन एवं सौर क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत और चिली के बीच 2006 में तरजीही व्यापार समझौता (पीटीए) लागू हुआ था, जिसे अब व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के रूप में विस्तार देने पर बातचीत जारी है।

वित्त वर्ष 2024-25 में चिली को भारत का निर्यात 2.46 प्रतिशत घटकर 1.15 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 72 प्रतिशत बढ़कर 2.60 अरब डॉलर हो गया।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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