भारत खरीफ सत्र में यूरिया, अन्य उर्वरक आयात करेगा

भारत खरीफ सत्र में यूरिया, अन्य उर्वरक आयात करेगा

भारत खरीफ सत्र में यूरिया, अन्य उर्वरक आयात करेगा
Modified Date: April 27, 2026 / 06:47 pm IST
Published Date: April 27, 2026 6:47 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) सरकार ने सोमवार को कहा कि इस खरीफ सत्र में 64 लाख टन यूरिया और 19 लाख टन अन्य उर्वरक आयात करने की योजना बनायी जा रही है।

यह खरीद योजना ऐसे समय बनायी जा रही है जब पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं।

पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों के प्रभाव पर अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस शर्मा ने कहा कि यूरिया और डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) की खुदरा कीमतें अपरिवर्तित रहेंगी और खरीफ सत्र के लिए पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।

उन्होंने कहा, ‘यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों का एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) वही रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।’

यूरिया अभी भी 266.50 रुपये प्रति 45 किलोग्राम के बैग और डीएपी 1,350 रुपये प्रति 50 किलोग्राम के बैग के हिसाब से बेचा जा रहा है। नियोजित आयात में से, संकट शुरू होने के बाद से 9.4 लाख टन यूरिया पहले ही प्राप्त हो चुका है। फरवरी में एक वैश्विक निविदा के माध्यम से 13.07 लाख टन और सुरक्षित किया गया था, जबकि 25 लाख टन और उर्वरकों के लिए निविदा जारी की गई है और इसके मई में आने की उम्मीद है।

अधिकारी ने कहा, ‘अधिकांश आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर से हो रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि हमें समय पर आपूर्ति मिल जाएगी।’

घरेलू उत्पादन के बारे में शर्मा ने कहा कि मार्च में गैस की डिलीवरी बाधित होने के कारण उत्पादन पर असर पड़ा था, जिससे संयंत्र का उपयोग 60-65 प्रतिशत तक घट गया था।

उन्होंने कहा, ‘अब हमने ज्यादा कीमत पर भी गैस आयात करने के उपाय किए हैं। यूरिया इकाइयों के लिए गैस की उपलब्धता, जो पहले 60-65 प्रतिशत थी, अब 97 प्रतिशत हो गई है। इसलिए उसके बाद हमारा यूरिया उत्पादन बहुत अच्छा रहा है।’

संकट के बाद घरेलू यूरिया उत्पादन 35.4 लाख टन तक पहुंच गया है। सरकार ने खरीफ सत्र के दौरान पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 19 लाख टन गैर-यूरिया उर्वरकों के आयात के लिए एक वैश्विक निविदा भी जारी की है। इसमें 12 लाख टन डीएपी, 4 लाख टन ट्रिपल सुपरफॉस्फेट (टीएसपी) और 3 लाख टन अमोनियम सल्फेट शामिल है।

यूरिया और गैर-यूरिया उर्वरकों के और आयात का फैसला घरेलू उत्पादन और मांग का आकलन करने के बाद किया जाएगा।

एक अप्रैल से 26 अप्रैल की अवधि के लिए, यूरिया की उपलब्धता 18.17 लाख टन की जरूरत के मुकाबले 71.58 लाख टन रही। डीएपी की उपलब्धता 5.90 लाख टन की जरूरत के मुकाबले 22.35 लाख टन रही। एमओपी की उपलब्धता 12.46 लाख टन और एसएसपी की उपलब्धता 26.26 लाख टन रही।

वर्ष 2026 के खरीफ मौसम के लिए, उर्वरकों की कुल जरूरत 390.54 लाख टन आंकी गई है। इसके मुकाबले 190.21 लाख टन का शुरुआती स्टॉक पहले से ही मौजूद है। यह मौसमी जरूरत का लगभग 49 प्रतिशत है।

शर्मा ने कहा, ‘खरीफ मौसम के लिए आपूर्ति की स्थिति बहुत मजबूत है। अब तक किसी भी तरह की कमी की कोई सूचना नहीं मिली है।’

उर्वरक विभाग ने कहा कि उर्वरक सुरक्षा ‘मजबूत, स्थिर और अच्छी तरह से प्रबंधित’ बनी हुई है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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