व्यापार वार्ता के लिए भारतीय दल अगले सप्ताह अमेरिका जाएगा, समझौते में बदलाव पर होगी चर्चा

व्यापार वार्ता के लिए भारतीय दल अगले सप्ताह अमेरिका जाएगा, समझौते में बदलाव पर होगी चर्चा

व्यापार वार्ता के लिए भारतीय दल अगले सप्ताह अमेरिका जाएगा, समझौते में बदलाव पर होगी चर्चा
Modified Date: April 15, 2026 / 06:31 pm IST
Published Date: April 15, 2026 6:31 pm IST

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकार वाशिंगटन में 20 अप्रैल से दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर तीन दिवसीय वार्ता शुरू करेंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि फरवरी में अंतिम रूप दिए गए समझौते को अमेरिकी शुल्क ढांचे में हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से तैयार करने की जरूरत है।

इसके साथ ही अग्रवाल ने कहा कि इस व्यापार समझौते पर आगे चर्चा की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ”मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में भारतीय दल इस महीने की 20 तारीख से अमेरिका का दौरा करेगा। वार्ता दल लगभग तीन-चार महीनों के बाद व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे। हम समझौते के कानूनी ढांचे को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं, जो सात फरवरी को जारी संयुक्त बयान का अगला तार्किक कदम है।”

उन्होंने कहा कि पिछले महीने अमेरिका द्वारा भारत सहित कई देशों के खिलाफ ‘धारा 301’ के तहत शुरू की गई दो जांचों पर भी इस बैठक में चर्चा की जाएगी।

उन्होंने कहा, ”दोनों पक्ष साथ बैठेंगे और चर्चा करेंगे कि इन मुद्दों को कैसे संबोधित करने की जरूरत है। भारत और अमेरिका समय-सीमा और अगले कदमों को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे।”

दोनों देशों के व्यापार अधिकारियों के बीच यह द्विपक्षीय बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दे चुके हैं।

इस समझौते पर पहले मार्च में हस्ताक्षर होने थे लेकिन अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद शुल्क संरचना में हुए बदलाव से स्थिति बदल गई है।

आधिकारिक सूत्रों ने पहले कहा था कि इस समझौते पर अब अमेरिका की नई वैश्विक शुल्क संरचना लागू होने के बाद ही हस्ताक्षर किए जाएंगे।

भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा फरवरी में की थी। उस रूपरेखा के अनुसार अमेरिका, भारत पर शुल्क को 18 प्रतिशत तक घटाने पर सहमत हुआ था।

हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक जवाबी शुल्क के खिलाफ आए अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद इस शुल्क संरचना में बदलाव हो गया है।

इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगा दिया।

इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों के बीच होने वाली बैठक पिछले महीने स्थगित कर दी गई थी। दोनों पक्ष फरवरी में समझौते के कानूनी पाठ को अंतिम रूप देने के लिए मिलने वाले थे।

भारत ने इस समझौते को जब अंतिम रूप दिया था, तब वह अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में था। अब अमेरिका के सभी व्यापारिक साझेदार एक समान 10 प्रतिशत शुल्क का सामना कर रहे हैं। साथ ही अगले सप्ताह होने वाली बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका धारा 301 के तहत दो जांच कर रहा है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 12 मार्च को धारा 301 के तहत जांच शुरू की जिसमें भारत और चीन सहित 60 अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।

इन जांचों से यह निर्धारित किया जाएगा कि जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफलता से संबंधित इन अर्थव्यवस्थाओं के कृत्य, नीतियां और प्रथाएं अनुचित या भेदभावपूर्ण हैं या नहीं, और क्या वे अमेरिकी वाणिज्य पर बोझ डालती हैं या उसे प्रतिबंधित करती हैं।

भाषा पाण्डेय प्रेम

प्रेम


लेखक के बारे में