कच्चे तेल में तेजी के बावजूद 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी: एसएंडपी

कच्चे तेल में तेजी के बावजूद 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी: एसएंडपी

कच्चे तेल में तेजी के बावजूद 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी: एसएंडपी
Modified Date: April 16, 2026 / 04:28 pm IST
Published Date: April 16, 2026 4:28 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच यदि चालू वित्त वर्ष में कच्चे तेल की औसत कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तब भी भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है।

इसमें यह भी कहा गया कि ऊर्जा की कीमतों के झटके से होने वाले राजकोषीय दबाव का भारत की संप्रभु साख रेटिंग पर असर पड़ने की आशंका नहीं है, क्योंकि भारत के पास लंबी अवधि में राजकोषीय सुदृढ़ीकरण की राजनीतिक प्रतिबद्धता है।

एसएंडपी के निदेशक (संप्रभु एवं अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त रेटिंग) यी फर्न फुआ ने कहा कि अगर कच्चे तेल की औसत कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल रहती है तो भारत 2026-27 में 7.1 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा।

फुआ ने एक वेब गोष्ठी में कहा, ”दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में यह आंकड़ा अभी भी बहुत मजबूत है। वैकल्पिक परिदृश्य में भी, अगर मैं कहूं कि औसत कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो भी हम 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर देख रहे हैं। ऐसे में भी भारत की वृद्धि दर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक होगी।”

एसएंडपी ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान, जिससे ईंधन या उर्वरक जैसे संबंधित उत्पादों की कमी होती है, एक जोखिम होगा।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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