खुदरा, थोक व्यापार को एमएसएमई के तहत लाने के फैसले को उद्योग ने ऐतिहासिक कदम बताया

खुदरा, थोक व्यापार को एमएसएमई के तहत लाने के फैसले को उद्योग ने ऐतिहासिक कदम बताया

खुदरा, थोक व्यापार को एमएसएमई के तहत लाने के फैसले को उद्योग ने ऐतिहासिक कदम बताया
Modified Date: November 29, 2022 / 07:58 pm IST
Published Date: July 2, 2021 3:26 pm IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) खुदरा तथा थोक व्यापार को सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) के दायरे में लाने के सरकार के फैसले को उद्योग संगठनों ने ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है। उसका कहना है कि इससे खुदरा और थोक व्यापार को भी बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों से प्राथमिकता प्राप्त श्रेणी में ऋण उपलब्ध हो सकेगा।

इससे पहले शुक्रवार को दिन में केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने खुदरा और थोक व्यापार को एमएसएमई के तहत लाने की घोषणा की। इससे ये क्षेत्र रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुरूप बैंकों की प्राथमिकता प्राप्त श्रेणी के तहत ऋण का लाभ उठा सकेंगे।

उद्योग संगठनों ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि इससे महामारी की वजह से मुश्किलों का सामना कर रहे कारोबारी क्षेत्र को राहत मिलेगी।

रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) ने कहा कि इससे खुदरा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) को अपने बचाव, पुनरुद्धार तथा आगे बढ़ने के लिए जरूरी समर्थन मिल सकेगा।

आरएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कुमार राजगोपालन ने कहा, ‘‘इस ऐतिहासिक फैसले का क्षेत्र पर संरचनात्मक असर पड़ेगा। इससे क्षेत्र को बेहतर वित्त विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे जिससे यह संगठित हो सकेगा।’’

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि इस फैसले के बाद व्यापारी एमएसएमई की श्रेणी में आएंगे और उन्हें बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों से प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के तहत कर्ज जुटाने में मदद मिलेगी।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया तथा महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि इसके अलावा व्यापारियों को विभिन्न अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ मिल सकेंगे, जो एमएसएमई श्रेणी को मिलते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इससे महामारी से प्रभावित व्यापारी बैंकों से आवश्यक धन जुटाकर अपने कारोबार को बहाल कर सकेंगे।

गडकरी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि सरकार एमएसएमई को मजबूत करने और उन्हें वृद्धि का इंजन बनाने को प्रतिबद्ध है।

संशोधित दिशानिर्देशों से 2.5 करोड़ खुदरा और थोक व्यापारियों को फायदा होगा। इससे वे उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण भी कर सकेंगे।

भाषा अजय

अजय महाबीर

महाबीर


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