मजबूत वृद्धि, स्थिर मुद्रास्फीति रहने पर मुद्रास्फीति लक्ष्य में कटौती पर विचारः डिप्टी गवर्नर

मजबूत वृद्धि, स्थिर मुद्रास्फीति रहने पर मुद्रास्फीति लक्ष्य में कटौती पर विचारः डिप्टी गवर्नर

मजबूत वृद्धि, स्थिर मुद्रास्फीति रहने पर मुद्रास्फीति लक्ष्य में कटौती पर विचारः डिप्टी गवर्नर
Modified Date: May 5, 2026 / 06:52 pm IST
Published Date: May 5, 2026 6:52 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि यदि अगले कुछ वर्षों में आर्थिक वृद्धि मजबूत और महंगाई दर स्थिर रहती है तो देश मुद्रास्फीति लक्ष्य को घटाने और उसके संतोषजनक दायरे में कटौती पर विचार कर सकता है।

इसके साथ ही गुप्ता ने कहा कि अगर वैश्विक माहौल पिछले छह वर्षों की तरह चुनौतीपूर्ण बना रहता है, तो मौजूदा रूपरेखा को बनाए रखना जरूरी होगा।

सरकार ने आरबीआई से परामर्श के बाद 31 मार्च, 2031 तक के लिए मुद्रास्फीति लक्ष्य ढांचे को अधिसूचित किया है, जिसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 से 20230-31 तक महंगाई दर को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर बनाये रखने का लक्ष्य है।

डिप्टी गवर्नर ने यहां एक सेमिनार में कहा कि भविष्य का महंगाई लक्ष्य ढांचा इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले वर्षों में वृद्धि और महंगाई का संतुलन किस दिशा में जाता है।

उन्होंने कहा, “यदि पिछले दशक की तरह मजबूत वृद्धि और कम एवं स्थिर महंगाई का रुझान जारी रहता है, तो अन्य देशों की तरह लक्षित दर को थोड़ा कम करने और दायरा संकुचित करने का मामला बन सकता है।”

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल चार प्रतिशत के लक्ष्य और दो प्रतिशत के दायरे से हटने का कोई ठोस कारण नहीं है।

गुप्ता के मुताबिक, वैश्विक झटकों की आवृत्ति और तीव्रता को देखते हुए दो प्रतिशत घट-बढ़ का दायरा अर्थव्यवस्था को बाहरी प्रभावों से संभालने के लिए जरूरी लचीलापन प्रदान करता है।

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रमुख मुद्रास्फीति दर का औसत 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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