‘ब्राउन प्लांटहॉपर’ और ‘स्टेम बोरर’ कीटों से निपटने को इंसेक्टिसाइड्स ने पेश किया ‘ग्रेनुविया’

‘ब्राउन प्लांटहॉपर’ और ‘स्टेम बोरर’ कीटों से निपटने को इंसेक्टिसाइड्स ने पेश किया ‘ग्रेनुविया’

‘ब्राउन प्लांटहॉपर’ और ‘स्टेम बोरर’ कीटों से निपटने को इंसेक्टिसाइड्स ने पेश किया ‘ग्रेनुविया’
Modified Date: May 18, 2026 / 08:33 pm IST
Published Date: May 18, 2026 8:33 pm IST

नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) इंसेक्टेसाइड्स इंडिया लिमिटेड (आईआईएल) ने सोमवार को ग्रेनुविया पेश किया। यह एक दानेदार कीटनाशक है जिसे कोर्टेवा एग्रीसाइंस ने विकसित किया है। इसे धान की फसलों को चावल की खेती के दो सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले कीटों से 60 दिन तक बचाने के लिए डिजाइन किया गया है।

यह उत्पाद ब्राउन प्लांटहॉपर (बीपीएच) और स्टेम बोरर को निशाना बनाता है। अगर इनका प्रकोप ज्यादा हो जाए, तो ये दोनों मिलकर फसल की पैदावार में 10-60 प्रतिशत तक की कमी कर सकते हैं।

आईआईएल ने बताया कि पिछले साल बीपीएच का प्रकोप जल्दी शुरू हो गया था और लंबे समय तक चला था। इससे कई राज्यों में लाखों एकड़ जमीन पर असर पड़ा, जिसके कारण किसानों को दो से तीन बार कीटनाशकों का इस्तेमाल करना पड़ा।

ग्रेनुविया, कोर्टेवा एग्रीसाइंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का एक पंजीकृत ट्रेडमार्क है। कंपनी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि इस कीटनाशक इसी ब्रांड नाम के तहत सिर्फ़ आईआईएल को ही आपूर्ति की जाएगी।

इसे धान की रोपाई के 30 से 35 दिन बाद इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। कंपनी के अनुसार, यह वह समय होता है जब धान की फसलें कीटों के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होती हैं। इसे रेत या यूरिया में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है, जो कि खेती के आम तरीकों के मुताबिक ही है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा, ‘‘कीटों का बढ़ता दबाव और बदलते मौसम के हालात को देखते हुए, किसानों को ऐसे समाधानो की जरूरत है जो भरोसेमंद हों और जिनका इस्तेमाल करना आसान हो।’’

कंपनी के मुख्य विपणन अधिकारी, दुष्यंत सूद ने बताया कि इस उत्पाद को दानेदार रूप में इसलिए बनाया गया है ताकि इसके इस्तेमाल की लागत कम हो और कीटनाशकों के इस्तेमाल की जरूरत भी कम पड़े। इससे चावल उगाने वाले किसानों की एक पुरानी समस्या का समाधान होता है, जिन्हें बार-बार होने वाले बीपीएच के प्रकोप से जूझना पड़ता है।

भाषा राजेश राजेश अजय

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