वाटिका के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया केवल गुरुग्राम की परियोजना ‘एस्पिरेशंस’ तक सीमित रहेगी: एनसीएलएटी
वाटिका के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया केवल गुरुग्राम की परियोजना ‘एस्पिरेशंस’ तक सीमित रहेगी: एनसीएलएटी
नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने रियल एस्टेट कंपनी वाटिका को आंशिक राहत देते हुए उसके खिलाफ चल रही दिवाला कार्यवाही को केवल गुरुग्राम स्थित ‘एस्पिरेशंस’ परियोजना तक सीमित कर दिया है।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के पुराने आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) कंपनी की अन्य सभी परियोजनाओं को अपनी दायरे में नहीं ले सकती।
चंडीगढ़ स्थित एनसीएलटी की पीठ ने आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज की याचिका पर तीन फरवरी, 2026 को वाटिका के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने और एक अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) नियुक्त करने का निर्देश दिया था।
साथ ही कंपनी पर ‘मोरेटोरियम’ (निश्चित समय के लिए लेन-देन पर रोक) लगा दिया था। वाटिका के निलंबित बोर्ड के एक निदेशक ने इस आदेश को एनसीएलएटी में चुनौती दी थी।
यह मामला जून, 2017 का है जब वाटिका ने 146 करोड़ रुपये के ‘गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी किए थे। इसके लिए आईडीबीआई ट्रस्टीशिप को कर्ज की सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी।
भुगतान की समय सीमा जून, 2024 तक बढ़ाई गई थी, लेकिन कई बार याद दिलाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद आईडीबीआई ट्रस्टीशिप ने 274.13 करोड़ रुपये की चूक का दावा करते हुए एनसीएलटी का दरवाजा खटखटाया था।
अदालत ने पाया कि कर्ज के बदले जो सुरक्षा दी गई थी, वह केवल ‘एस्पिरेशंस’ परियोजना की 12.212 एकड़ जमीन से संबंधित थी। इसी आधार पर अदालत ने दिवाला प्रक्रिया को कंपनी के अन्य परियोजनाओं तक ले जाने से मना कर दिया।
भाषा सुमित अजय
अजय

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