लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार नौवीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं

लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार नौवीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं

लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार नौवीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं
Modified Date: June 30, 2026 / 05:50 pm IST
Published Date: June 30, 2026 5:50 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) सरकार ने मंगलवार को सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) जैसी विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

एक जुलाई, 2026 से शुरू होने वाली चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए दरों को यथावत रखा गया है। यह लगातार नौवीं तिमाही है जब इन दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ‘वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (एक जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक) के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वही रहेंगी, जो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए अधिसूचित की गई थीं।’

अधिसूचना के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है।

लोकप्रिय बचत योजना पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत और डाकघर बचत जमा योजना पर दर चार प्रतिशत पर ही स्थिर रहेगी।

‘किसान विकास पत्र’ (केवीपी) पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत होगी और इसमें किया गया निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा। वहीं, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दर 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी।

पहली तिमाही की तरह ही, डाकघर की मासिक आय योजना के निवेशकों को दूसरी तिमाही में भी 7.4 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा।

मुख्य रूप से डाकघरों और बैंकों द्वारा संचालित इन लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में सरकार ने आखिरी बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में कुछ बदलाव किया था, जिसके बाद से ये दरें लगातार नौवीं बार स्थिर रखी गई हैं।

भाषा योगेश अजय

अजय


लेखक के बारे में