छोटी कारों की मांग में आई तेजी बनी रहेगी या नहीं, यह कहना अभी जल्दबाजी: सिएट एमडी
छोटी कारों की मांग में आई तेजी बनी रहेगी या नहीं, यह कहना अभी जल्दबाजी: सिएट एमडी
नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) उपभोक्ताओं का झुकाव अभी भी मुख्य रूप से एसयूवी खरीदने की ओर है और यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि जीएसटी कटौती के बाद छोटी कारों की मांग में जो तेजी देखी गई है, वह आगे भी बरकरार रहेगी या नहीं। टायर निर्माता कंपनी सिएट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्नब बनर्जी ने यह बात कही।
उन्होंने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में बताया कि हालांकि जीएसटी कटौती ने बाजार को एक गति दी है, लेकिन कंपनी चालू वित्त वर्ष के लिए दहाई अंकों की वृद्धि के अपने पुराने अनुमान पर ही कायम है। कंपनी विशेष रूप से कृषि और दोपहिया टायरों के लिए ग्रामीण बाजारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
यात्री कार खंड में जीएसटी कटौती के प्रभाव और छोटी कारों की मांग जारी रहने के सवाल पर बनर्जी ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना समय से पहले होगा क्योंकि कुल मिलाकर ग्राहकों का रुझान अभी भी एसयूवी की तरफ बना हुआ है।
पिछले कुछ वर्षों में यात्री कार श्रेणी में एसयूवी की बिक्री सबसे आगे रही है, जबकि किफायती न होने के कारण छोटी कारों की बिक्री में गिरावट देखी गई थी। साल 2025 में भी भारत में बिकने वाले कुल यात्री वाहनों में एसयूवी की हिस्सेदारी 2024 के 53.8 प्रतिशत से बढ़कर 55.8 प्रतिशत हो गई, हालांकि जीएसटी कटौती के बाद छोटी कारों में भी सुधार के कुछ संकेत दिखे हैं।
बनर्जी ने कहा कि हमें अभी एक और तिमाही तक इंतजार करना होगा ताकि यह देखा जा सके कि वाहन निर्माता जिस ढांचागत बदलाव को महसूस कर रहे हैं, क्या वह पूरी तरह से बदल जाएगा। अगर ऐसा होता है, तो छोटे आकार के टायरों की मांग फिर से बढ़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि पुराने टायरों को बदलकर नया टायर लगाने वाले बाजार में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच होने के कारण कंपनी को लाभ होगा। आने वाली तिमाही में गर्मियों का सत्र शुरू हो जाएगा और मार्च से जून का समय आमतौर पर कंपनी के लिए बेहतर कारोबार वाला होता है।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय


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