Ajmer Principal Statement: ‘पाकिस्तान हमारा बड़ा भाई’… प्रिंसिपल ने वजह बताकर छेड़ दी नई बहस, कहा- आजादी मिली तो देश में तीन ही नेता थे, नेहरू नहीं…

Ajmer Principal Statement: ‘पाकिस्तान हमारा बड़ा भाई’… प्रिंसिपल ने वजह बताकर छेड़ दी नई बहस, कहा- आजादी मिली तो देश में तीन ही नेता थे, नेहरू नहीं...

Ajmer Principal Statement: ‘पाकिस्तान हमारा बड़ा भाई’… प्रिंसिपल ने वजह बताकर छेड़ दी नई बहस, कहा- आजादी मिली तो देश में तीन ही नेता थे, नेहरू नहीं…

Ajmer Principal Statement Pakistan Big Brother Remark/Image Source: IBC24

Modified Date: January 26, 2026 / 05:18 pm IST
Published Date: January 26, 2026 5:16 pm IST
HIGHLIGHTS
  • स्कूल से निकला सियासी तूफान
  • प्रिंसिपल के बयान पर बढ़ा विवाद
  • गांधी-जिन्ना-अंबेडकर का जिक्र

अजमेर: Ajmer Principal Statement: राजस्थान के अजमेर जिले से एक बयान सामने आया है, जिसने सियासी और सामाजिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, अजमेर के प्राचार्य मनोज बेहरवाल ने पाकिस्तान को भारत का “बड़ा भाई” बताकर विवाद खड़ा कर दिया है। उनका यह बयान ब्यावर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आया।

प्रिंसिपल के बयान से मचा बवाल (Ajmer College Principal Controversial Statement)

Ajmer Principal Statement: ब्यावर स्थित सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में ‘राजस्थान सोशियोलॉजिकल एसोसिएशन’ की कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इस दौरान प्राचार्य मनोज बेहरवाल भारतीय संविधान और ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ विषय पर अपने विचार रख रहे थे। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को सुबह करीब 10-10:30 बजे भारत का उदय हुआ, जबकि पाकिस्तान हमसे लगभग 12 घंटे पहले अस्तित्व में आ गया था। इस लिहाज से पाकिस्तान हमारा बड़ा भाई है। उनके इस बयान से हॉल में मौजूद श्रोताओं के बीच सन्नाटा छा गया। हैरानी की बात यह रही कि मंच पर बैठे विद्वानों और बुद्धिजीवियों में से किसी ने भी इस टिप्पणी पर तत्काल आपत्ति नहीं जताई।

 

नेहरू को लेकर भी किया चौंकाने वाला दावा (Pakistan Big Brother Remark)

Ajmer Principal Statement: इतना ही नहीं, प्राचार्य बेहरवाल ने स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज़ादी के समय देश में केवल तीन ही बड़े नेता थे महात्मा गांधी, मोहम्मद अली जिन्ना और डॉ. भीमराव अंबेडकर। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उस दौर में पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम प्रमुख नेताओं में शामिल नहीं था और “यह बात सबको ध्यान रखनी चाहिए। संघ पृष्ठभूमि से आने वाले प्राचार्य के इन बयानों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे इतिहास से छेड़छाड़ बता रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे व्यक्तिगत राय करार दे रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में भी इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है और कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।