आईवीपीए ने आपसी सहयोग के लिए चीन की व्यापार संस्था सीएफएनए के साथ एमओयू किया
आईवीपीए ने आपसी सहयोग के लिए चीन की व्यापार संस्था सीएफएनए के साथ एमओयू किया
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) खाद्य तेल उद्योग संस्था आईवीपीए ने दोनों देशों की कंपनियों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए ‘चाइना चैंबर ऑफ कॉमर्स ऑफ फूडस्टफ्स एंड नेटिव प्रोड्यूस’ (सीएफएनए) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
बृहस्पतिवार को एक बयान में, ‘इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन’ (आईवीपीए) ने कहा कि उसने एक जुलाई को शंघाई में आयोजित एक सम्मेलन में सीएफएनए के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
आईवीपीए ने कहा, ‘‘यह सहयोग लगातार बातचीत, खरीदार-विक्रेता संपर्क और ऐसी संयुक्त पहल के लिए एक रणनीतिक मंच बनाता है जो नवाचार, टिकाऊपन और संभावित व्यापार विकास को आगे बढ़ाते हैं।’’
एसोसिएशन ने कहा कि चीन, भारत को कच्चे सोयाबीन तेल की आपूर्ति करने वाले एक प्रमुख देश के रूप में उभरा है।
आईवीपीए के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कहा, ‘‘यह आपसी उद्योग सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। वनस्पति तेलों के दुनिया के दो सबसे बड़े उपभोक्ता होने के नाते, भारत और चीन वैश्विक मांग, व्यापार की गतिशीलता और इस क्षेत्र के भविष्य को तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।’’
देसाई ने कहा कि इस सहयोग से चीन से सोयाबीन तेल के आयात को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही बाजार के मजबूत संबंधों के माध्यम से भारत से खाद्य तेल से जुड़े उत्पादों (खासकर सरसों और सोयाबीन डीओसी) के निर्यात में भी वृद्धि होगी।
भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों का 60 प्रतिशत आयात करता है और आयात की मात्रा 1.5-1.7 करोड़ टन के दायरे में रहती है।
तेल वर्ष 2025-26 के लिए, आयात का अनुमान 1.65 करोड़ टन का है, जबकि घरेलू उत्पादन का अनुमान 96 लाख टन है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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