एफडीआई निकसी सहित अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर करीबी नजर: आरबीआई गवर्नर
एफडीआई निकसी सहित अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर करीबी नजर: आरबीआई गवर्नर
(तस्वीरों के साथ)
(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क, 22 अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) निकासी और विनिमय दर में बदलाव जैसे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव चक्रीय प्रकृति के होते हैं और इन पर करीबी नजर रखी जा रही है।
गवर्नर ने न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा सोमवार को आयोजित एक गोलमेज बैठक में यह बात कही। इस संबंध में अगले दिन एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई।
मल्होत्रा ने नियामकीय ढांचे को सरल बनाने, कारोबार सुगमता बढ़ाने, विदेशी निवेशकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करने और घरेलू व विदेशी बाजारों के एकीकरण को मजबूत करने के लिए जारी सुधारों का उल्लेख किया।
इस गोलमेज बैठक में वित्तीय संस्थानों, निवेश कंपनियों और नीतिगत क्षेत्र से जुड़े 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिनमें बैंक, परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां, फैमिली ऑफिस, कैपिटल मैनेजमेंट कंपनी, संस्थागत निवेशक, धन प्रबंधक और अन्य उद्योग पेशेवर शामिल हुए।
सत्र के दौरान आरबीआई की मुख्य महाप्रबंधक डिंपल भांडिया ने प्रस्तुति दी। इसमें देश की मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियाद, मजबूत वित्तीय क्षेत्र एवं सुसंगत नीतिगत ढांचे को रेखांकित किया गया। साथ ही भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया गया और आने वाले वर्ष में वैश्विक स्तर पर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में उसकी प्रगति को दर्शाया गया।
विज्ञप्ति के अनुसार, चर्चा में निर्धारित सीमा के भीतर कम मुद्रास्फीति, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 1.1 प्रतिशत का प्रबंधनीय चालू खाता घाटा और 700 अरब अमेरिकी डॉलर का मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार जैसे प्रमुख संकेतकों पर प्रकाश डाला गया।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा

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