अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क का सीमित असर: विक्रम सोलर और वारी एनर्जीज

अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क का सीमित असर: विक्रम सोलर और वारी एनर्जीज

अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क का सीमित असर: विक्रम सोलर और वारी एनर्जीज
Modified Date: February 25, 2026 / 03:40 pm IST
Published Date: February 25, 2026 3:40 pm IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) अमेरिका के कुछ भारतीय सौर उत्पादों पर लगाए शुरुआती प्रतिपूर्ति शुल्क (सीवीडी) का उद्योग पर कोई महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और इसका असर सीमित रहेगा। विक्रम सोलर और वारी एनर्जीज ने यह बात कही है।

विक्रम सोलर के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ज्ञानेश चौधरी ने कहा, ‘‘ हालिया अमेरिकी शुरुआती प्रतिपूर्ति शुल्क मुख्य तौर भारतीय मूल के सेल पर लागू होता है। हमारी अमेरिकी ऑर्डर की रणनीति भारतीय सेल की खरीद पर आधारित नहीं है। हम पहले से ही उस बाजार के लिए विविधीकृत आपूर्ति श्रृंखला के साथ काम कर रहे हैं, जिसमें कम शुल्क जोखिम वाले देशों से खरीद शामिल है। इसलिए हम पर सीधा वित्तीय प्रभाव सीमित रहेगा।’’

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा निकासी अवसंरचना को आसान बनाने के फैसले के बाद स्थापना की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है। हाल में गुजरात में बड़े पैमाने की परियोजना के लिए इंडियन ऑयल-एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी से 378.75 मेगावाट मॉड्यूल का ऑर्डर मिलना इसी मजबूती को दर्शाता है।

वारी एनर्जीज के समूह प्रमुख (वित्त) अभिषेक पारेख ने कहा, ‘‘ इस समय कंपनी को अपने अमेरिकी ऑर्डर बुक की सेवा देने की क्षमता पर किसी महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव की आशंका नहीं है। ’’

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा भारत से कुछ सौर आयात पर 126 प्रतिशत के शुरुआती प्रतिपूर्ति शुल्क लगाए जाने संबंधी हालिया मीडिया घोषणा के संदर्भ में है।

कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों के दौरान, भारत से आयात पर पहले लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क के बावजूद अमेरिका के लिए निर्यात बढ़ाने का सिलसिला जारी रहा।

वारी एनर्जीज के अनुसार, वह चालू वित्त वर्ष के अंत तक अमेरिका में अपनी विनिर्माण क्षमता को लगभग 4.2 गीगावाट तक बढ़ाने की प्रक्रिया में है जो परिचालन विस्तार की समयसीमा एवं अन्य सामान्य कारकों पर निर्भर करेगी।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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