किसानों की कम बिकवाली से खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

किसानों की कम बिकवाली से खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

किसानों की कम बिकवाली से खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
Modified Date: November 11, 2023 / 08:13 pm IST
Published Date: November 11, 2023 8:13 pm IST

नयी दिल्ली, 11 नवंबर (भाषा) शिकागो एक्सचेंज में शुक्रवार रात को 1.5 प्रतिशत की मजबूती आने तथा किसानों द्वारा कम दाम पर बिकवाली घटाने के बाद देश के तेल-तिलहन बाजारों में शनिवार को मूंगफली तेल तिलहन को छोड़कर बाकी सभी तेल तिलहनों के दाम मजबूत हो गये। मूंगफली तेल तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात सोयाबीन डीगम तेल 1.5 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ था। यानी अपने पिछले दिन के 1,065-1,070 डॉलर प्रति टन के भाव के मुकाबले आज यह भाव बढ़कर 1,085-90 डॉलर प्रति टन हो गया। सोयाबीन डी-आयल्ड केक (डीओसी) का दाम कल रात लगभग 3.25 प्रतिशत यानी 16 डॉलर प्रति टन बढ़ा है। इसका असर देश के बाकी तेल तिलहनों पर भी हुआ और उनके दाम मजबूत बंद हुए। केवल भाव ऊंचा होने और मांग कमजोर रहने से मूंगफली तेल तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन डीगम तेल बंदरगाहों पर आयात भाव से 2.50-3 रुपये किलो नीचे दाम पर बिक रहा है। आयात घटने की आशंकाओं के बीच इस बेपड़ता कारोबार के कारण देश में खाद्यतेलों की आपूर्ति लाइन प्रभावित हो सकती है। इस विषय की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि नीचे भाव पर बिकवाली रोकी जा सके, आपूर्ति लाइन दुरुस्त रहे और आगे उपभोक्ताओं को वाजिब दाम पर खाद्यतेल मिल सके।

उन्होंने कहा कि पिछले साल सोयाबीन के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक मिलने के कारण, इन्हीं दिनों में महाराष्ट्र के लातूर की मंडियों में सोयाबीन की आवक लगभग एक लाख कट्टे (बोरी) की थी जो आवक, सोयाबीन का दाम एमएसपी से मामूली ऊंचा रहने (पिछले साल के बढ़े दाम के मुकाबले कम) की वजह से दो दिन पहले 40-50-60 हजार बोरी के आसपास ही हो रही है।

फिलहाल अधिकांश मंडियां बंद है और मंडियों के बंद रहने तक निजी व्यापारियों द्वारा कारोबार किया जा रहा है। पैसे की मजबूरी वाले छोटी किसानों को छोड़कर, बाकी किसान इस एमएसपी के आसपास के भाव पर मंडियों में अपनी तिलहन ऊपज बेचने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 5,725-5,775 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,550-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,225-2,510 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,810 -1,905 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,810 -1,920 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,450 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,850 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,200 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,400 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,270-5,370 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,070-5,170 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल। भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय


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