सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के मसौदे पर मंत्रालय सुझावों पर गौर करेगा: सचिव कृष्णन
सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के मसौदे पर मंत्रालय सुझावों पर गौर करेगा: सचिव कृष्णन
नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन के मसौदे पर लोगों के विरोध के बीच, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को मध्यस्थों और नागरिक समाज समूहों से मुलाकात कर उनकी चिंताओं को सुना।
सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि मंत्रालय ‘खुले दिमाग’ से काम करता है और सभी सुझावों पर विचार करेगा।
कृष्णन ने संकेत दिया कि सरकार प्रस्तावित सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने की 14 अप्रैल की समय सीमा बढ़ा सकती है और किसी भी बदलाव को अंतिम रूप देने से पहले उद्योग और संबंधित पक्षों के विचारों पर गौर करेगी।
उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रतिक्रियाओं में अधिक समय देने के अनुरोध से लेकर मसौदा संशोधनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग तक शामिल हैं।
यह विरोध केंद्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के बाद सामने आया है। इसमें ‘इन्फ्लूएंसर’ और ‘कंटेंट क्रिएटर’ जैसे गैर-प्रकाशक उपयोगकर्ताओं की तरफ से पोस्ट की गई ‘समाचार और समसामयिक सामग्री’ को शामिल करने के लिए दायरे को काफी विस्तृत किया गया है।
नियमों के मसौदे के तहत इस तरह की उपयोगकर्ता-सृजित सामग्री को उसी ढांचे के अंतर्गत लाया गया है जो वर्तमान में पंजीकृत डिजिटल समाचार प्रकाशकों पर लागू होता है, जिससे नियमों के भाग तीन का दायरा बढ़ जाता है।
सरकार ने 30 मार्च को सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन का यह मसौदा प्रस्तावित किया, जिसमें मध्यस्थों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण, सलाह, मानक परिचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और दिशा-निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य करने की मांग की गई है।
मंत्रालय ने संबंधित पक्षों से सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन के मसौदे पर 14 अप्रैल, 2026 तक प्रतिक्रिया/टिप्पणियां आमंत्रित की है।
कृष्णन ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने चिंताओं को समझने के लिए उद्योग और संबंधित पक्षों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा, ‘‘…आज हमारी उद्योग और हितधारकों दोनों के साथ बातचीत हुई, और कई उपयोगी सुझाव सामने आए। उन्होंने अपने विचार देने के लिए थोड़ा और समय मांगा, जिस पर मुझे लगता है कि हम विचार करेंगे।’’
उद्योग ने सभी दिशा-निर्देशों को समेकित करने का भी आग्रह किया है। इस बारे में कृष्णन ने कहा, ‘‘यह एक उचित अनुरोध है और हम देखेंगे कि इसे कैसे किया जा सकता है।’’
भाषा रमण अजय
अजय

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