देश में 30 प्रतिशत से ज्यादा औद्योगिक माल की आपूर्ति चीन से, अत्यधिक निर्भरता चिंताजनक: जीटीआरआई

देश में 30 प्रतिशत से ज्यादा औद्योगिक माल की आपूर्ति चीन से, अत्यधिक निर्भरता चिंताजनक: जीटीआरआई

देश में 30 प्रतिशत से ज्यादा औद्योगिक माल की आपूर्ति चीन से, अत्यधिक निर्भरता चिंताजनक: जीटीआरआई
Modified Date: April 28, 2026 / 05:13 pm IST
Published Date: April 28, 2026 5:13 pm IST

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) शोध संस्थान जीटीआरआई ने मंगलवार को कहा कि भारत के कुल आयात में चीन की हिस्सेदारी लगभग 16 प्रतिशत है, लेकिन औद्योगिक वस्तुओं में उसका दबदबा काफी अधिक है। भारत के 30.8 प्रतिशत औद्योगिक माल की आपूर्ति चीन से होती है।

वित्त वर्ष 2025-26 में देश का आयात बढ़कर 774.98 अरब डॉलर हो गया। इसमें से 131.63 अरब डॉलर का आयात चीन से किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया कि महत्वपूर्ण कच्चे माल के लिए एक ही आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता से दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्र किसी भी व्यवधान के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं।

जीटीआरआई के विश्लेषण में कहा गया कि चीन से भारत के आयात का लगभग 66 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, कंप्यूटर और कार्बनिक रसायनों से संबंधित है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स आयात में चीन की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत, मशीनरी और कंप्यूटर आयात में 40 प्रतिशत तथा कार्बनिक रसायनों में 44 प्रतिशत है।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ”ये कोई वैकल्पिक खरीदारी नहीं है, बल्कि मुख्य कच्चा माल है, जो सीधे भारत के विनिर्माण परिवेश को आगे बढ़ाता है।”

उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग इलेक्ट्रॉनिक्स कल-पुर्जों, ईवी बैटरी, सोलर मॉड्यूल, एपीआई और विशेष रसायन जैसे कच्चे माल के लिए चीन पर बहुत अधिक निर्भर है।

श्रीवास्तव ने कहा, ”भले ही भारत निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसकी आपूर्ति श्रृंखला चीन से जुड़ी हुई है। यह स्पष्ट जोखिम पैदा करता है।”

जीटीआरआई ने सुझाव दिया कि भारत को प्रमुख क्षेत्रों में घरेलू क्षमता बनाने और अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने की आवश्यकता है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


लेखक के बारे में