पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल से बैंकिंग परिचालन प्रभावित

पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल से बैंकिंग परिचालन प्रभावित

पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल से बैंकिंग परिचालन प्रभावित
Modified Date: January 27, 2026 / 08:26 pm IST
Published Date: January 27, 2026 8:26 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) पांच दिन के कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने मंगलवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया। इसके चलते देश के कई स्थानों पर चेक निपटान, नकद जमा और निकासी जैसी शाखा बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं।

बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले नौ कर्मचारी संगठनों के शीर्ष निकाय यूएफबीयू ने 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक में किसी सकारात्मक परिणाम के न निकलने के बाद यह हड़ताल की।

यूएफबीयू के इस हड़ताल के आह्वान में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की विभिन्न यूनियनों के लगभग आठ लाख कर्मचारी शामिल हुए।

यूएफबीयू के घटक अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने पीटीआई-भाषा को बताया कि अनुमान के मुताबिक करीब चार लाख करोड़ रुपये के चेक निपटान के लिए रुक गए। कई जगहों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नकद लेनदेन प्रभावित हुआ और बिल ट्रेडिंग, बिलों की कटौती तथा ट्रेजरी संचालन भी बंद रहा।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी) के महासचिव रूपम रॉय ने कहा कि दिसंबर 2023 में चर्चा के बाद यह सहमति बनी थी कि सोमवार से शुक्रवार तक दैनिक कार्य के घंटे 40 मिनट बढ़ा दिए जाएंगे और बाकी शनिवारों को छुट्टी घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी विधिवत सिफारिश की गई है, लेकिन दुर्भाग्य से पिछले दो वर्षों से इसे मंजूरी नहीं मिल सकी है।

मध्य प्रदेश और झारखंड से मिल रही खबरों के अनुसार वहां बैंकिंग सेवाएं काफी प्रभावित हुईं और कई एटीएम खाली हो गए। देश भर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अधिकांश शाखाएं या तो पूरी तरह बंद थीं या आंशिक रूप से, क्योंकि कर्मचारी और अधिकारी दोनों ही मंगलवार की हड़ताल में शामिल थे।

सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों और कुछ पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक निपटान और प्रशासनिक कार्य ठप रहे। हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख निजी क्षेत्र के ऋणदाताओं का परिचालन बड़े पैमाने पर अप्रभावित रहा, क्योंकि उनके कर्मचारी हड़ताल करने वाली यूनियनों का हिस्सा नहीं हैं।

यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग सहित डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सुचारू रूप से काम कर रही थीं। एसबीआई समेत कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने शेयर बाजारों को हड़ताल के संभावित प्रभाव के बारे में पहले ही बता दिया था।

यूएफबीयू के एक अन्य घटक नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (एनसीबीई) के महासचिव एल चंद्रशेखर ने कहा कि आज की हड़ताल की सफलता यह बताती है कि पांच दिन का कार्य सप्ताह एक आवश्यकता है। यह कार्य-जीवन संतुलन, कर्मचारी कल्याण और टिकाऊ बैंकिंग सेवाओं के लिए अनिवार्य है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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