नेपाल की सर्दियों में भारत से 1,100 मेगावाट तक बिजली आयात करने की योजना

नेपाल की सर्दियों में भारत से 1,100 मेगावाट तक बिजली आयात करने की योजना

नेपाल की सर्दियों में भारत से 1,100 मेगावाट तक बिजली आयात करने की योजना
Modified Date: September 29, 2026 / 05:33 pm IST
Published Date: September 29, 2026 5:33 pm IST

काठमांडू, 29 सितंबर (भाषा) नेपाल आगामी शुष्क मौसम में घरेलू बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत से 1,100 मेगावाट तक बिजली आयात करने की योजना बना रहा है।

नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़, भूस्खलन की घटना और भारी मानसूनी बारिश से पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है, जिससे देश की बिजली उत्पादन क्षमता अस्थायी रूप से कम हो गई है।

नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) दिसंबर से मई, 2027 तक शुष्क मौसम के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इस दौरान देश की नदी प्रवाह आधारित पनबिजली परियोजनाओं से उत्पादन में काफी गिरावट आती है, जबकि खासकर सर्दियों के अंत और वसंत के महीनों में बिजली की मांग बढ़ जाती है।

एनईए के प्रवक्ता राजन ढकाल ने कहा, ‘‘हालांकि, नवंबर के बाद हमें भारत से कुछ बिजली आयात करने की जरूरत होगी, लेकिन मांग का सबसे अधिक दबाव फरवरी से मई के बीच रहेगा।’’

ढकाल ने कहा कि नेपाल में वर्तमान में करीब 3,740 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता चालू है।

हालांकि, पिछले कुछ महीनों में मौसम से जुड़ी आपदाओं से देश के बिजली क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है। भोटेकोशी क्षेत्र में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ से कई पनबिजली संयंत्रों और इससे जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जिससे करीब 450 मेगावाट उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई।

इसके बाद 24 से 27 सितंबर के बीच हुई भारी मानसूनी बारिश से 190 मेगावाट क्षमता वाली कालीगंडकी पनबिजली परियोजना को नुकसान पहुंचा।

ढकाल ने कहा कि भोटेकोशी बाढ़ और हालिया अत्यधिक बारिश से हुए नुकसान के कारण कुल करीब 640 मेगावाट उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। इसलिए एनईए आगामी सर्दी के मौसम में भारत से 1,100 मेगावाट तक बिजली आयात करने पर विचार कर रहा है।

भाषा यासिर अजय

अजय


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