लगातार नौवां बजट पेश कर इतिहास रचेंगी निर्मला सीतारमण

लगातार नौवां बजट पेश कर इतिहास रचेंगी निर्मला सीतारमण

लगातार नौवां बजट पेश कर इतिहास रचेंगी निर्मला सीतारमण
Modified Date: January 27, 2026 / 06:40 pm IST
Published Date: January 27, 2026 6:40 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाएंगी। वैश्विक अनिश्चितता के बीच पेश होने वाले इस बजट में आर्थिक वृद्धि को गति देने के उद्देश्य से सुधारवादी उपायों के होने की उम्मीद है।

इसके साथ ही सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा विभिन्न समय अवधियों में पेश किए गए 10 बजटों के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। देसाई ने 1959-1964 के दौरान वित्त मंत्री के रूप में कुल छह बजट और 1967-1969 के बीच चार बजट पेश किए थे।

पूर्व वित्त मंत्रियों पी चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में क्रमशः नौ और आठ बजट पेश किए थे। हालांकि, लगातार सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड सीतारमण के नाम ही रहेगा। इस साल वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगातार नौ बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाएंगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में दूसरी बार सत्ता में आने पर सीतारमण को भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया था। इसके बाद 2024 में तीसरी बार मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद वित्त मंत्रालय उनके पास ही रहा।

अब तक सीतारमण ने फरवरी 2024 के अंतरिम बजट सहित कुल आठ लगातार बजट पेश किए हैं। स्वतंत्र भारत में बजट पेश करने से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य इस तरह हैं:

पहला बजट: स्वतंत्र भारत का पहला आम बजट 26 नवंबर, 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर के शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था।

सर्वाधिक बजट: पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और बाद में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में वित्त मंत्री के रूप में कुल 10 बजट पेश किए।

दूसरा सबसे अधिक बजट: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नौ बार बजट पेश किए। उन्होंने पहली बार 19 मार्च, 1996 को प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली संयुक्त मोर्चा सरकार के दौरान बजट पेश किया था। उन्होंने कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार में भी कई बजट पेश किए।

तीसरा सबसे अधिक बजट: प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान आठ बजट पेश किए। उन्होंने 1982, 1983 और 1984 में और कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार में फरवरी 2009 से मार्च 2012 के बीच लगातार पांच बजट पेश किए।

मनमोहन सिंह: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 से 1995 के बीच पी वी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए लगातार पांच बजट पेश किए थे।

सबसे लंबा बजट भाषण: सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड सीतारमण के नाम है। उनका एक फरवरी, 2020 का बजट भाषण दो घंटे और 40 मिनट तक चला था। उस समय, उन्होंने दो पेज बाकी रहते हुए ही अपना भाषण समाप्त कर दिया था।

सबसे छोटा बजट भाषण: हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल का 1977 का अंतरिम बजट भाषण अब तक का सबसे छोटा भाषण है, जो केवल 800 शब्दों का था।

समय: परंपरा के अनुसार बजट फरवरी के आखिरी दिन शाम पांच बजे पेश किया जाता था। यह समय औपनिवेशिक काल की प्रथा के अनुरूप था, ताकि घोषणाएं लंदन और भारत में एक ही समय पर की जा सकें।

इस समय को 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया। तब से बजट सुबह 11 बजे पेश किए जाते हैं।

तारीख: बजट पेश करने की तारीख 2017 में बदलकर एक फरवरी कर दी गई थी। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि सरकार मार्च के अंत तक संसदीय मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर सके और एक अप्रैल से वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ बजट लागू हो जाए।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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