नीति आयोग ने निर्यात तैयारी सूचकांक के लिए रुचि पत्र आमंत्रित किया
नीति आयोग ने निर्यात तैयारी सूचकांक के लिए रुचि पत्र आमंत्रित किया
नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) नीति आयोग ने ‘निर्यात तैयारी सूचकांक’ पर शोध अध्ययन के लिए संगठनों से रुचि पत्र आमंत्रित किये है।
नीति आयोग ने 2020 से निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) के चार संस्करण प्रकाशित किए हैं। इनमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में देश से वस्तुओं के निर्यात परिवेश का पूरा आकलन किया गया है।
निर्यात तैयारी सूचकांक के जरिये नीति आयोग भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की निर्यात क्षमताओं और तैयारियों का मूल्यांकन करता है।
आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एक सार्वजनिक नोटिस में कहा कि इस रिपोर्ट से स्थानीय सरकारों को क्षेत्र-विशेष की जानकारी सुलभ हुई है, जिससे प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा मिला है और क्षेत्र विशेष के लिए नीति बनाने में मदद मिली है।
नीति आयोग ने कहा कि ईपीआआई का 5वां संस्करण इसी आधार को और आगे बढ़ाएगा। इसमें सेवा निर्यात और स्थानीय इकाइयों के मूल्य वर्धित योगदान को भी शामिल किया जाएगा। इससे भारत की निर्यात तैयारी की पूरी तस्वीर मिल सकेगी।
पहले चार संस्करण सिर्फ वस्तुओं के निर्यात पर केंद्रित थे। सेवा निर्यात के अलग-अलग आंकड़े उपलब्ध न होने के कारण, ईपीआई रिपोर्ट में सेवा निर्यात को शामिल नहीं किया गया था।
पाचवें संस्करण की रिपोर्ट में न सिर्फ सामान के निर्यात, बल्कि राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्थानीय इकाइयों द्वारा किए गए सेवा निर्यात को भी शामिल किया जाएगा। इसमें राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों/जिलों की इस प्रकार के निर्यात करने की क्षमता का भी पता लगाया जाएगा।
भाषा रमण अजय
अजय

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