एनजेबी ने जूट क्षेत्र के लिए उपग्रह-आधारित फसल निगरानी प्रणाली शुरू की
एनजेबी ने जूट क्षेत्र के लिए उपग्रह-आधारित फसल निगरानी प्रणाली शुरू की
कोलकाता, 11 मई (भाषा) राष्ट्रीय जूट बोर्ड (एनजेबी) ने जेसीआईएस को चालू कर दिया है। यह एक प्रौद्योगिकी-आधारित पहल है जो राज्यों में खेत की फसल की निगरानी के लिए उपग्रह मेधा, मौसम के विश्लेषण और ज़मीनी स्तर के आंकड़ों को एक साथ जोड़ती है।
बोर्ड ने सोमवार को बयान में कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और भारतीय जूट निगम के सहयोग से विकसित, जूट फसल सूचना प्रणाली (जेसीआईएस) का उद्देश्य फसल क्षेत्र और उत्पादन के अनुमानों की सटीकता में सुधार करना है, जिससे इस क्षेत्र के लिए ज्यादा सोच-समझकर नीतिगत फैसले लिए जा सकें।
जेसीआईएस के तहत दो मुख्य टूल विकसित किए गए हैं — ‘भुवन जंप’, जो ज़मीन पर जूट की निगरानी के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन है और पटसन (मोबाइल ऐप-आधारित जमीनी अवलोकनों का उपयोग करके जूट का संभावित मूल्यांकन) जो अधिकारियों और अंशधारकों के लिए लगभग वास्तविक समय की निगरानी और विश्लेषण प्रदान करने वाला एक वेब-आधारित मंच है।
बोर्ड ने बताया कि जेसीआईएस से पहले, फसल क्षेत्र और पैदावार के अनुमान टुकड़ों में मिली जानकारियों और विशेषज्ञों के आकलन पर निर्भर होते थे, जिसके कारण अक्सर विसंगतियां और देरी होती थी। ज़मीनी डेटा का संग्रह ज़्यादातर ‘मैन्युअल’ होता था।
बोर्ड ने कहा कि अपने आई-केयर जमीनी नेटवर्क के माध्यम से, एनजेबी ने ‘भुवन जंप’ का उपयोग करके जियो-टैग किए गए जमीनी डेटा के बड़े पैमाने पर संग्रह को आसान बनाया है। साथ ही, इसने एक ‘जियोस्पेशियल स्मार्ट-सैंपलिंग फ्रेमवर्क’ का उपयोग करके फसल-कटाई के प्रयोगों में भी सहायता की है, जिसमें उपग्रह से प्राप्त फसल के नक्शों को सांख्यिकीय रूप से मज़बूत नमूना तकनीकों के साथ जोड़ा गया है, जिससे पैदावार के अनुमान की सटीकता में सुधार हुआ है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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