एनएसओ ने 4.7 करोड़ से ज़्यादा आबादी वाले शहरों के लिए शहर-स्तरीय सांख्यिकीय रिपोर्ट का प्रस्ताव रखा
एनएसओ ने 4.7 करोड़ से ज़्यादा आबादी वाले शहरों के लिए शहर-स्तरीय सांख्यिकीय रिपोर्ट का प्रस्ताव रखा
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने 4.7 करोड़ से ज़्यादा आबादी वाले नगरों के लिए विशेष नगर-स्तरीय सांख्यिकीय रिपोर्ट तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद आंकड़ों में मौजूद ज़रूरी कमियों को दूर करना और शासन के सभी स्तरों पर सोच-समझकर फ़ैसले लेने में मदद करना है।
ये रिपोर्ट ‘सावधिक श्रमबल सर्वेक्षण’ (पीएलएफएस) और ‘वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण’ (एएसयूएसई) से मिले मौजूदा आंकड़ों पर आधारित होंगी। ये दोनों ही सर्वेक्षण पहले से ही नगर-स्तर पर सांख्यिकीय रूप से मज़बूत अनुमान लगाने की सुविधा देते हैं।
एक सरकारी बयान के अनुसार, भारत में तेज़ी से नगरीकरण हो रहा है, और नगर आर्थिक विकास, रोज़गार सृजन और ढांचागत बदलावों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद नगर-स्तर पर आधिकारिक आँकड़े अभी भी सीमित हैं, जिससे सबूतों पर आधारित नगरी नीति और योजना बनाने में रुकावट आती है।
दो वार्षिक विषयगत रिपोर्ट का प्रस्ताव रखा गया है।
पहली रिपोर्ट में दस लाख से ज़्यादा आबादी वाले नगरों की रोज़गार प्रोफ़ाइल पेश की जाएगी। इसमें श्रम बाज़ार के मुख्य संकेतक जैसे – श्रम बल भागीदारी दर, श्रमिक-जनसंख्या अनुपात और बेरोज़गारी दर शामिल होंगे।
दूसरी रिपोर्ट में असंगठित क्षेत्र के उद्यमों की नगर-स्तरीय प्रोफ़ाइल पेश की जाएगी। इसमें नगरी अनौपचारिक क्षेत्र के पैमाने, संरचना, रोज़गार और आर्थिक प्रदर्शन से जुड़े आँकड़े शामिल होंगे।
नगरों पर ज़्यादा बारीकी से विश्लेषणात्मक ध्यान केंद्रित करके, इस पहल का मकसद डेटा में मौजूद ज़रूरी कमियों को दूर करना और शासन के सभी स्तरों पर सोच-समझकर फ़ैसले लेने में मदद करना है।
इस प्रस्तावित ढांचे, संकेतकों, कार्यप्रणाली और प्रसार रणनीति की समीक्षा करने और उसमें सुधार के सुझाव देने के लिए सभी संबंधित पक्षों के विचार आमंत्रित किए जाते हैं, ताकि मिले सुझावों के आधार पर इसे और बेहतर बनाया जा सके।
सुझाव और टिप्पणियाँ 15 मई, 2026 तक भेजी जा सकती हैं।
भाषा राजेश राजेश माधव
माधव

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