नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता विस्तार परियोजना वर्ष के अंत तक पूरी हो जाएगी: चेयरमैन

नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता विस्तार परियोजना वर्ष के अंत तक पूरी हो जाएगी: चेयरमैन

नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता विस्तार परियोजना वर्ष के अंत तक पूरी हो जाएगी: चेयरमैन
Modified Date: January 28, 2026 / 12:29 pm IST
Published Date: January 28, 2026 12:29 pm IST

बेतुल (गोवा), 28 जनवरी (भाषा) ऑयल इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रंजीत रथ ने कहा है कि नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) की क्षमता विस्तार इस साल के अंत तक वाणिज्यिक रूप से पूरी हो जाएगी। उसके बाद कंपनी पहली बार आयातित कच्चे तेल का प्रसंस्करण शुरू करेगी।

इस विस्तार के तहत कंपनी की क्षमता वर्तमान 30 लाख टन से बढ़कर 90 लाख टन सालाना हो जाएगी।

ऑयल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एनआरएल वर्तमान में पेट्रोल तथा डीजल जैसे ईंधन बनाने के लिए मुख्य रूप से घरेलू कच्चे तेल का उपयोग करती है।

उन्होंने यहां ‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ के दौरान अलग से बातचीत में कहा, ‘‘…. साल के अंत तक चरणबद्ध तरीके से विस्तार कार्य पूरा होने की दिशा में प्रगति जारी है।’’

इस 33,901 करोड़ रुपये की परियोजना में 60 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाली क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) और उससे जुड़े क्रूड ऑयल टर्मिनल और पाइपलाइन की स्थापना शामिल है। इसमें अरब लाइट और अरब हेवी क्रूड ऑयल (30:70 अनुपात) के प्रसंस्करण को ध्यान में रखा जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह चरणबद्ध तरीके से चालू की जाएगी। पूरी परियोजना दिसंबर 2026 तक चालू हो जाएगी।’’

इसके चालू होने के बाद एनआरएल आयातित कच्चे तेल का प्रसंस्करण करेगी क्योंकि घरेलू स्तर पर उपलब्ध कच्चा तेल पर्याप्त नहीं है। आवश्यक अतिरिक्त मात्रा में कच्चे तेल का आयात ओडिशा के पारादीप बंदरगाह के माध्यम से करने की योजना है। आयातित कच्चे तेल के परिवहन के लिए पारादीप बंदरगाह से नुमालीगढ़ तक करीब 1,640 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है।

रथ ने कहा, ‘‘ कच्चे तेल की ‘सोर्सिंग’ में मदद के लिए हमने भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।’’

उन्होंने बताया कि एनआरएल 100 से अधिक कच्चे तेल के नमूनों की जांच कर सकता है।

इस विस्तार परियोजना में 7,231 करोड़ रुपये की लागत से 3,60,000 टन की पॉली प्रोपलीन इकाई (पीपीयू) और उससे संबंधित सुविधाओं की स्थापना भी शामिल है।

एनआरएल वर्तमान में भारत-बांग्लादेश उत्पाद पाइपलाइन के माध्यम से बांग्लादेश को और अपने विपणन साझेदार बीपीसीएल के माध्यम से भूटान को ईंधन निर्यात करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ बांग्लादेश को निर्यात बिना किसी समस्या के जारी है।’’

भुगतान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी भुगतान समय पर किए जा रहे हैं, ‘‘कोई बकाया नहीं है।’’

भाषा निहारिका रमण

रमण


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