आरबीआई की सरकारी प्रतिभूति बाजार में नीलामी प्रक्रिया का समय घटाने की योजना

आरबीआई की सरकारी प्रतिभूति बाजार में नीलामी प्रक्रिया का समय घटाने की योजना

आरबीआई की सरकारी प्रतिभूति बाजार में नीलामी प्रक्रिया का समय घटाने की योजना
Modified Date: April 10, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: April 10, 2026 7:15 pm IST

मुंबई, 10 अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को ‘उत्कर्ष 2029’ रणनीति के तहत सरकारी प्रतिभूति बाजार में नीलामी की प्रक्रिया का समय घटाने, मूल्य पारदर्शिता बढ़ाने और खुदरा निवेशकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की योजना की घोषणा की।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में बाजारों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए प्रक्रियाओं के स्वचालन, केंद्रीय समाशोधन के विस्तार और परिचालन दक्षता में सुधार पर जोर देगा।

आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ‘उत्कर्ष 2029’ अप्रैल 2026 से लेकर मार्च 2029 तक की अवधि के लिए उसकी रणनीतिक रूपरेखा है, जिसका उद्देश्य संस्थागत लक्ष्यों का ठोस कार्यान्वयन करना है।

इस ढांचे के तहत केंद्रीय बैंक प्रक्रियागत जटिलताओं को कम करने, विनियमित संस्थाओं को अधिक परिचालन जुझारूपन देने और वित्तीय प्रणाली में जिम्मेदार नवाचार को बढ़ावा देने पर भी ध्यान देगा।

आरबीआई ने कहा कि वह अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों में ग्राहक सेवा का आकलन करेगा और सभी विनियमित संस्थाओं में शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करते हुए शिकायतों के त्वरित समाधान को बढ़ावा देगा।

इसके अलावा, उधार के लिए एकीकृत प्रणाली (यूएलआई) के विस्तार के जरिये वित्तीय प्रणाली तक पहुंच बढ़ाने, ऋण लागत कम करने और समावेशी ऋण वितरण को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय बैंक ने वित्तीय प्रणाली में आपसी जुड़ाव को देखते हुए ‘कंटेजन जोखिम’ (एक संस्था की समस्या का अन्य पर प्रभाव) के आकलन की समीक्षा और उसे मजबूत करने की भी योजना बनाई है।

इसके साथ ही, नागरिक चार्टर के तहत सेवाओं की डिलीवरी की समीक्षा और उससे जुड़े आंकड़ों के प्रकाशन के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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