रिलायंस रिटेल का चौथी तिमाही मुनाफा 3,563 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर
रिलायंस रिटेल का चौथी तिमाही मुनाफा 3,563 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की खुदरा इकाई रिलायंस रिटेल वेंचर लिमिटेड (आरआरवीएल) का 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 0.5 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 3,563 करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में उसका सकल राजस्व 10.84 प्रतिशत बढ़कर 98,232 करोड़ रुपये हो गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के आय विवरण के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का सकल राजस्व 11.83 प्रतिशत बढ़कर 3.70 लाख करोड़ रुपये हो गया जिसे विभिन्न उपभोग श्रेणियों में व्यापक वृद्धि और हाइपर-लोकल कॉमर्स के तेज विस्तार से बल मिला।
वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस रिटेल का शुद्ध लाभ भी 11.73 प्रतिशत बढ़कर 13,842 करोड़ रुपये हो गया।
आरआईएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा,‘‘ रिलायंस रिटेल ने समूचे वर्ष स्थिर वृद्धि दर्ज की। मुझे विश्वास है कि इसकी मजबूत उपस्थिति और भारतीय उपभोक्ता की गहरी समझ निरंतर विकास को आगे बढ़ाती रहेगी।’’
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में कंपनी का कर व्यय 15.5 प्रतिशत बढ़कर 1,252 करोड़ रुपये हो गया, जो 2024-25 की समान तिमाही में 1,084 करोड़ रुपये था।
समीक्षाधीन तिमाही में परिचालन आय 10.84 प्रतिशत बढ़कर 87,344 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 78,622 करोड़ रुपये थी।
इस तिमाही में कर-पूर्व लाभ (ईबीआईटीडीए) 3.1 प्रतिशत बढ़कर 6,921 करोड़ रुपये रहा।
देश की सबसे बड़ी खुदरा कंपनी ने विस्तार पर ध्यान जारी रखते हुए जनवरी-मार्च तिमाही में 333 नए स्टोर और समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में 1,564 स्टोर खोले। इससे कुल स्टोर संख्या 20,160 हो गई और कुल क्षेत्रफल 7.83 करोड़ वर्ग फुट हो गया।
अंबानी ने कहा, ‘‘उपभोक्ता उत्पाद खंड जो अब एक स्वतंत्र एवं केंद्रित संगठनात्मक ढांचे में संचालित हो रहा है.. दैनिक उपभोग की वस्तुओं ( एफएमसीजी) के ब्रांड के बढ़ते खंड के साथ अच्छी प्रगति कर रहा है। भारत की उपभोग गाथा में आने वाले कई वर्षों में वृद्धि की संभावना है और हमारे व्यवसाय इस अवसर के केंद्र में रहने के लिए तैयार हैं।”
वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस रिटेल का पंजीकृत ग्राहक आधार 10.9 प्रतिशत बढ़कर 38.7 करोड़ हो गया, जिससे यह देश के सबसे पसंदीदा रिटेलर में से एक बन गया।
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल लेनदेन 38.8 प्रतिशत बढ़कर 1.93 अरब हो गए, जो हाइपर-लोकल कॉमर्स में तेज वृद्धि से प्रेरित थे।
भाषा निहारिका पाण्डेय
पाण्डेय

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