दूरदराज के क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओ के लिए वीसैट के जरिये सैटेलाइट कनेक्टिविटी को मंजूरी

दूरदराज के क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओ के लिए वीसैट के जरिये सैटेलाइट कनेक्टिविटी को मंजूरी

दूरदराज के क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओ के लिए वीसैट के जरिये सैटेलाइट कनेक्टिविटी को मंजूरी
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: July 5, 2021 3:08 pm IST

नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) ने वीसैट टर्मिनल के जरिये दूरसंचार नेटवर्क में सैटेलाइट कनेक्टिविटी के इस्तेमाल के प्रावधान को मंजूरी दे दी है।

डीसीसी (पूर्व में दूरसंचार आयोग) की इस मंजूरी से ऐसे दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी, जहां ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाना मुश्किल है। दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश ने सोमवार को यह जानकारी दी।

दूरसंचार सचिव ने प्रकाश ने पीटीआई-भाषा से कहा कि डीसीसी ने 19,041 करोड़ रुपये के व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) के साथ सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) में 16 राज्यों के गांवों में ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए भारतनेट परियोजना शुरू करने के लिए अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) को भी मंजूरी दे दी।

उन्होंने कहा, ‘‘कारोबार सुगमता को डीसीसी ने दूरसंचार सेवाओं के लिए वीसैट के जरिये सैटेलाइट से सेल्युलर बैकहॉल कनेक्टिविटी के प्रावधान को भी मंजूरी दे दी। ’’

प्रकाश ने कहा कि इससे दूरसंचार कंपनियां ऐसे दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं उपलब्ध करा पाएंगी जहां ऑप्टिकल फाइबर बिछाना मुश्किल है।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 16 राज्यों में 19,041 करोड़ रुपये के वीजीएफ के साथ भारतनेट परियोजना को मंजूरी के एक सप्ताह के अंदर ही डीसीसी ने परियोजना के लिए आरएफपी को हरी झंडी दे दी।

प्रकाश ने कहा कि दूरसंचार विभाग 16 राज्यों में पीपीपी मॉडल में भारतनेट को शुरू करने के लिए सात दिन में निविदा जारी करेगा।

भाषा अजय

अजय मनोहर

मनोहर


लेखक के बारे में