चालकों को प्रशिक्षण देने को खुलेंगे स्कूल, पांच साल में एक करोड़ रोजगार सृजित होने की उम्मीद: गडकरी
चालकों को प्रशिक्षण देने को खुलेंगे स्कूल, पांच साल में एक करोड़ रोजगार सृजित होने की उम्मीद: गडकरी
नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) सरकार उद्योग जगत के सहयोग से अगले पांच साल में 120 आकांक्षी जिलों और 500 सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े प्रखंडों में चालकों को प्रशिक्षण देने के लिए स्कूल खोलेगी। इस पहल से देश में एक करोड़ रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राजधानी में आयोजित सड़क सुरक्षा अभियान कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता आमिर खान से बातचीत के दौरान कहा कि देश में 22 लाख चालकों की कमी है और सरकार ने 200 ड्राइविंग स्कूल खोले हैं।
मंत्री ने कहा, “हमने उद्योग जगत की मदद से 120 आकांक्षी जिलों और 500 सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े प्रखंडों में चालकों को प्रशिक्षण देने के लिए केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इस पहल के माध्यम से हम एक करोड़ युवाओं को रोजगार प्रदान करेंगे।”
सड़क सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से यह सच है कि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या के मामले में भारत विश्व में शीर्ष पर है।
देश में आज प्रति वर्ष पांच लाख से अधिक दुर्घटनाएं और उससे संबंधित 1.8 लाख लोगों की मौत होती है।
गडकरी ने कहा कि लगभग 66 प्रतिशत लोग 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के हैं। इन दुर्घटनाओं के कारण भारत को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का तीन प्रतिशत का नुकसान होता है।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के पांच मुख्य कारणों का जिक्र किया।
गडकरी ने कहा, ‘‘पहला कारण सड़क डिजाइन और इंजीनियरिंग हैं। हमने कुछ खराब जगहों की पहचान की है और उन्हें ठीक करने के लिए 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। दुर्घटनाओं का दूसरा कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन है। हमने ऐसी 350 जगहों की पहचान की है और लगभग 280 जगहों में सुधार किया गया है।’’
उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं का एक अन्य कारण वाहन इंजीनियरिंग है।
मंत्री ने कहा, ‘‘हमारा वाहन उद्योग 23 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के साथ विश्व में तीसरे स्थान पर है। अमेरिका 79 लाख करोड़ रुपये और चीन 49 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के साथ क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर हैं। हमारा लक्ष्य अगले पांच साल में अपने वाहन उद्योग को विश्व में शीर्ष पर पहुंचाना है।’’
उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं का तीसरा कारण कानून का पालन न होना है। चौथा कारण मानवीय व्यवहार है।
गडकरी ने कहा, ‘‘देश में कानून का भय और सम्मान नहीं है। बाइक चलाते समय हेलमेट पहनने मात्र से लगभग 50,000 लोगों की जान बचाई जा सकती है। सीट बेल्ट लगाने मात्र से लगभग 30,000 लोग अपनी जान बचा सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में कमी आई है।
आमिर खान ने कहा, ‘‘मैं सड़क सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेता हूं। एक इंसान होने के नाते मुझसे भी कभी-कभार गलतियां हो जाती हैं। लेकिन कुल मिलाकर मैं सड़क सुरक्षा को लेकर बहुत सख्त हूं। मुझे उम्मीद है कि पूरा देश सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लेगा।’’
उन्होंने कहा कि सरकार कानून, नियम बना सकती है या सुविधाएं प्रदान कर सकती है, लेकिन अंततः यदि लोग इनका उपयोग नहीं करेंगे तो समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘लोग पुलिस के डर से ही हेलमेट पहनते हैं…। हमें यह समझना चाहिए कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी हो या नहीं हो, हेलमेट पहनना हमारी जान बचाएगा।’’
खान ने सुझाव दिया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बसों में यात्रियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य की जानी चाहिए।
भाषा रमण अजय
अजय

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