एसआईसीसीएल मामले में सेबी की उच्चतम न्यायालय में अपील, सैट के आदेश को दी चुनौती

एसआईसीसीएल मामले में सेबी की उच्चतम न्यायालय में अपील, सैट के आदेश को दी चुनौती

एसआईसीसीएल मामले में सेबी की उच्चतम न्यायालय में अपील, सैट के आदेश को दी चुनौती
Modified Date: June 13, 2026 / 06:07 pm IST
Published Date: June 13, 2026 6:07 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईसीसीएल) मामले में प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के उस आदेश को आंशिक रूप से उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है, जिसमें चार प्रबंधकों और कंपनी सचिव को राहत दी गई थी।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की इस याचिका पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी मोहना की अवकाशकालीन पीठ 18 जून को सुनवाई करेगी।

न्यायाधिकरण ने नौ मार्च को अपने आदेश में कहा था कि 1998 से 2008 के बीच एसआईसीसीएल द्वारा जारी ‘वैकल्पिक पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर’ (ओएफसीडी) सार्वजनिक निर्गम के दायरे में आते हैं, लिहाजा वे सेबी के नियामकीय अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

सैट ने कहा था कि कंपनी ने इस अवधि में करीब 1.98 करोड़ निवेशकों से लगभग 14,106 करोड़ रुपये जुटाए, जिसे निजी नियोजन नहीं माना जा सकता है।

इसके साथ ही न्यायाधिकरण ने कंपनी एवं उसके निदेशकों की तरफ से दायर अपीलों को खारिज कर दिया था।

हालांकि सैट ने कंपनी के चार प्रबंधकों और कंपनी सचिव की अलग से दायर अपील स्वीकार करते हुए कहा था कि कर्मचारी होने के नाते उन्हें कंपनी के फैसलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

अब बाजार नियामक ने सैट के आदेश के इसी हिस्से को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

मामला सेबी के अक्टूबर 2018 के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें कंपनी को निवेशकों का पैसा लौटाने, अपनी परिसंपत्तियों का विवरण देने और कुछ अधिकारियों को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया था।

भाषा प्रेम प्रेम सुरेश

सुरेश


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