वाहन कंपनियों के शेयरों में गिरावट

वाहन कंपनियों के शेयरों में गिरावट

वाहन कंपनियों के शेयरों में गिरावट
Modified Date: January 27, 2026 / 08:40 pm IST
Published Date: January 27, 2026 8:40 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता पूरी होने की घोषणा के बाद बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंताओं के बीच मंगलवार को वाहन कंपनियों के शेयर में गिरावट आई।

इस दौरान महिंद्रा एंड महिंद्रा और हुंदै के शेयर में चार प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

समझौते के तहत यूरोपीय संघ से लक्जरी वाहनों के आयात पर शुल्क में रियायत मिलने से उनकी कीमतें सस्ती होने की संभावना है, जिससे घरेलू कंपनियों पर प्रतिस्पर्धी दबाव बढ़ सकता है।

बीएसई में महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 4.19 प्रतिशत टूटा, जबकि हुंदै मोटर इंडिया के शेयर में 4.02 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई।

मारुति का शेयर 1.48 प्रतिशत टूट गया, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स में 1.22 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा एमआरएफ का शेयर 1.20 प्रतिशत, हीरो मोटोकॉर्प का 0.24 प्रतिशत और अशोक लेलैंड का शेयर 0.05 प्रतिशत गिर गया।

बीएसई वाहन सूचकांक 0.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,980.72 पर बंद हुआ।

शेयर बाजार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 319.78 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,857.48 पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 126.75 अंक या 0.51 प्रतिशत चढ़कर 25,175.40 पर पहुंच गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धी दबाव की आशंका के कारण वाहन और पेय पदार्थ कंपनियों के शेयर में गिरावट आई।

भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत के समापन की घोषणा की।

इस समझौते के तहत भारत के 93 प्रतिशत निर्यात को 27 देशों वाले यूरोपीय संघ में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि यूरोपीय संघ से लक्जरी कारों और वाइन का आयात सस्ता हो जाएगा।

एक अधिकारी ने कहा कि द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता लागू होने के बाद बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, लेम्बोर्गिनी, पोर्श और ऑडी जैसी प्रीमियम लक्जरी यूरोपीय कारें भारतीय बाजार में सस्ती हो जाएंगी, क्योंकि भारत समझौते के तहत कोटा-आधारित आयात शुल्क रियायतें प्रदान करेगा।

ईयू भारतीय वाहनों पर चरणबद्ध तरीके से शुल्क समाप्त करेगा, जबकि भारत कुछ निश्चित संख्या की कारों के लिए आयात शुल्क को 10 प्रतिशत तक घटाएगा।

वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि समझौते के अनुसार, भारत और यूरोपीय संघ ने कोटा आधारित शुल्क रियायतों पर बातचीत की है और कहा कि यूरोपीय संघ के पास इस क्षेत्र के लिए बहुत आक्रामक मांग है।

अधिकारी ने कहा, ‘यूरोपीय संघ को एक बहुत अच्छी तरह से व्यवस्थित वाहन उद्योग मिला है, जो सबसे उन्नत वाहन उद्योगों में से एक है और उनकी कार सर्वश्रेष्ठ में से एक हैं और यह एक वास्तविकता है।’

भाषा योगेश रमण

रमण


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