सिंगापुर बाजार में खाद्य एवं पेय पदार्थों के लिए बड़े निर्यात अवसर मौजूद : टीपीसीआई

सिंगापुर बाजार में खाद्य एवं पेय पदार्थों के लिए बड़े निर्यात अवसर मौजूद : टीपीसीआई

सिंगापुर बाजार में खाद्य एवं पेय पदार्थों के लिए बड़े निर्यात अवसर मौजूद : टीपीसीआई
Modified Date: April 21, 2026 / 01:44 pm IST
Published Date: April 21, 2026 1:44 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) सिंगापुर में घरेलू खाद्य एवं पेय पदार्थ क्षेत्र के लिए बड़े निर्यात अवसर मौजूद हैं, क्योंकि यह द्वीपीय देश अपनी आवश्यकताओं का 90 प्रतिशत आयात करता है जिसमें अभी भारत की हिस्सेदारी कम है। व्यापार निकाय टीपीसीआई ने मंगलवार को यह बात कही।

ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) ने कहा कि इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए खाद्य एवं पेय क्षेत्र की 100 से अधिक भारतीय कंपनियां सिंगापुर में चार दिवसीय ‘फूड एंड हॉस्पिटैलिटी एशिया (एफएचए)’ मेले में भाग ले रही हैं।

सिंगापुर, एशिया के सबसे रणनीतिक खाद्य आयात केंद्रों में से एक है और आसियान तथा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में प्रवेश का एक प्रमुख द्वार है। फिर भी मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के बावजूद भारत की उपस्थिति सीमित बनी हुई है।

भारत का सिंगापुर और 10 देशों के समूह आसियान के साथ मुक्त व्यापार समझौता है।

सिंगापुर के कुल खाद्य एवं पेय आयात में भारत की हिस्सेदारी केवल 2.6 प्रतिशत है जिसमें प्रमुख रूप से अनाज क्षेत्र में वर्चस्व है जहां भारत की हिस्सेदारी 25.6 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में कहा गया कि अधिकतर अन्य श्रेणियों में भारत की हिस्सेदारी एकल अंक में बनी हुई है जो प्रसंस्कृत खाद्य, पेय पदार्थ, समुद्री उत्पाद, रेडी-टू-ईट उत्पाद, स्नैक्स और प्रीमियम सामग्री जैसे क्षेत्रों में विस्तार की बड़ी संभावनाओं को दर्शाता है।

टीपीसीआई इन कंपनियों की मेजबानी ‘इंडसफूड एशिया’ के तहत कर रहा है। यह मेला 21 अप्रैल से शुरू हुआ।

इसमें कहा गया है, ‘‘ भारत 100 से अधिक कंपनियों के साथ भाग ले रहा है और प्रतिभागी चावल, मसाले, कॉफी, चाय तथा समुद्री उत्पादों सहित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।’’

‘इंडसफूड एशिया’ के लिए कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), स्पाइसेस बोर्ड, कॉफी बोर्ड, हल्दी बोर्ड और टी बोर्ड जैसे विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन निकायों ने टीपीसीआई के साथ सहयोग किया है।

टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा कि लगभग 60 लाख की आबादी होने के बावजूद यह देश 16.2 अरब डॉलर के खाद्य एवं पेय पदार्थ आयात करता है जो उसकी करीब 90 प्रतिशत जरूरतों को पूरा करता है।

उन्होंने कहा कि एशियाई क्षेत्र का खाद्य एवं पेय बाजार 2034 तक 3300 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है और आतिथ्य क्षेत्र 2029 तक 181.2 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ऐसे में एफएचए 2026 निर्णयकर्ताओं से जुड़ने और बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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