सामाजिक सुरक्षा समझौते से ब्रिटेन में काम करने वाले 95 प्रतिशत तक भारतीय पेशेवरों को मिलेगा लाभ
सामाजिक सुरक्षा समझौते से ब्रिटेन में काम करने वाले 95 प्रतिशत तक भारतीय पेशेवरों को मिलेगा लाभ
नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) भारत और ब्रिटेन के बीच हुए सामाजिक सुरक्षा समझौते से ब्रिटेन में भारतीय कंपनियों में कार्यरत लगभग 90–95 प्रतिशत भारतीय पेशेवरों को लाभ मिलेगा। यह कदम कंपनियों की लागत घटाएगा और ब्रिटेन के बाजार में भारतीय सेवा प्रदाताओं की प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
दोनों देशों ने 17 जून को घोषणा की कि सामाजिक सुरक्षा समझौता (दोहरा अंशदान संधि – डीसीसी) और व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू होंगे।
डीसीसी का सीधा लाभ आईटी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस को मिलेगा।
अधिकारी ने बताया कि भारतीय मूल के पेशेवर हर साल ब्रिटेन की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में लगभग 50 करोड़ डॉलर का योगदान देते हैं।
इस समझौते के तहत भारत या ब्रिटेन की कंपनियों द्वारा अस्थायी रूप से भेजे गए कर्मचारी मेजबान देश में अधिकतम पांच साल तक सामाजिक सुरक्षा अंशदान से मुक्त रहेंगे। यह भारत की एक प्रमुख मांग थी।
ब्रिटेन में लगभग 75,000 भारतीय पेशेवर कार्यरत हैं, जबकि 900 से अधिक भारतीय कंपनियां वहां काम कर रही हैं। वहां एक पेशेवर का औसत वार्षिक वेतन लगभग 40,000–50,000 पाउंड है।
अनुमान के अनुसार, आम तौर पर वेतन का लगभग 15 प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा अंशदान में जाता है। ब्रिटेन में सामाजिक सुरक्षा लाभ पाने के लिए लगभग 10 वर्ष की सेवा आवश्यक होती है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘ यदि कोई नियोक्ता भारत में कर्मचारी के सामाजिक सुरक्षा अंशदान का भुगतान कर रहा है, तो उसे ब्रिटेन में भुगतान नहीं करना होगा। इसके लिए ‘कवरेज सर्टिफिकेट’ देना होगा। 15 जुलाई से भारतीय नियोक्ता इस छूट का लाभ उठा सकेंगे।’’
यह छूट हालांकि, ब्रिटेन में अन्य विदेशी कंपनियों में काम करने वाले भारतीयों पर लागू नहीं होगी।
यह समझौता अस्थायी विदेश नियुक्तियों पर कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाएगा और भारत-ब्रिटेन सेवा क्षेत्र साझेदारी को मजबूत करेगा।
यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ब्रिटेन, भारत के 283 अरब डॉलर के आईटी उद्योग का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार है और कुल निर्यात में लगभग 17 प्रतिशत योगदान देता है।
भारत का ब्रिटेन को सेवा निर्यात 2024 में 21.6 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 13.7 अरब डॉलर था।
भाषा निहारिका अजय
अजय

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