स्थानीय डीओसी मांग के कारण प्लांट वालों की मांग बढ़ने से सोयाबीन तिलहन में सुधार

स्थानीय डीओसी मांग के कारण प्लांट वालों की मांग बढ़ने से सोयाबीन तिलहन में सुधार

स्थानीय डीओसी मांग के कारण प्लांट वालों की मांग बढ़ने से सोयाबीन तिलहन में सुधार
Modified Date: February 4, 2026 / 08:36 pm IST
Published Date: February 4, 2026 8:36 pm IST

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) सोयाबीन डी-आयल्ड केक (डीओसी) की स्थानीय मांग और बाजार में कम आपूर्ति की स्थिति के बीच महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्लांट वालों की मांग बढ़ने के कारण स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार दर्ज हुआ। सूरजमुखी और मूंगफली के मुकाबले बिनौला तेल के सस्ता होने की वजह से लिवाली बढ़ने के कारण बिनौला तेल में भी मजबूती रही।

दूसरी ओर, ऊंचे दाम की वजह से लिवाली प्रभावित होने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन तथा जाड़े की कमजोर मांग के कारण कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट देखने को मिली। सुस्त कामकाज के बीच सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन तेल के दाम स्थिर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में घट-बढ़ है। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात भी सुधार था और अभी भी यहां मजबूती है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में विभिन्न स्थानों पर, विशेषकर महाराष्ट्र में अधिक संख्या में मुर्गीदाना कंपनियां होने की वजह से उनकी ओर से डीओसी की स्थानीय मांग है। वहीं, बाजार में मांग बढ़ने के बीच आपूर्ति कम होने के कारण प्लांट पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं। इस स्थिति में, महाराष्ट्र में प्लांट वालों ने सोयाबीन तिलहन के दाम 100-100 रुपये क्विंटल बढ़ाये हैं। सोयाबीन तिलहन में सुधार आने का यह मुख्य कारण है।

उन्होंने कहा कि शादी-विवाह की भी अच्छी मांग है। सूरजमुखी और मूंगफली के थोक दाम से लगभग 25-30 रुपये किलो सस्ता बैठने की वजह से नरम तेल (सॉफ्ट आयल) माने जाने वाले बिनौला तेल में लिवाली बढ़ी है जिससे बिनौला तेल के दाम भी सुधार दशाते बंद हुए।

दूसरी ओर, मूंगफली तेल का थोक दाम ऊंचा होने की वजह से इसकी लिवाली कमजोर है जिससे मूंगफली तेल-तिलहन में गिरावट आई। जाड़े में जमने के गुण की वजह से मांग कमजोर रहने के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी गिरावट देखी गई।

सूत्रों ने कहा कि शादी-विवाह में सरसों की जगह आमतौर पर सोयाबीन या किसी अन्य सस्ते सॉफ्ट तेल की मांग रहती है। इस कारण सरसों में कामकाज प्रभावित दिखा। सुस्त कामकाज के बीच सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन तेल के दाम स्थिर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,150-7,175 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,975-7,350 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 17,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,710-3,010 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,475-2,575 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,475-2,620 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,950 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,875 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,775 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,850-5,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,450-5,500 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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