श्रीलंका ने बिजली, ईंधन के सीमित इस्तेमाल की अपील की

श्रीलंका ने बिजली, ईंधन के सीमित इस्तेमाल की अपील की

श्रीलंका ने बिजली, ईंधन के सीमित इस्तेमाल की अपील की
Modified Date: March 22, 2026 / 01:25 pm IST
Published Date: March 22, 2026 1:25 pm IST

कोलंबो, 22 मार्च (भाषा) श्रीलंका सरकार ने रविवार को जनता से वैश्विक तेल बाजारों में अस्थिरता के बीच संभावित कमी से निपटने के लिए ईंधन और बिजली का सीमित व सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की।

यह अपील ऐसे समय आई है जब द्वीपीय देश ने आधी रात से ईंधन के खुदरा दाम बढ़ा दिए हैं, जो एक सप्ताह में दूसरी बढ़ोतरी है।

ऊर्जा बचत के उपाय के तौर पर सरकार ने प्रत्येक वाहन के लिए जारी क्यूआर कोड के आधार पर ईंधन की बिक्री निश्चित मात्रा में शुरू कर दी है।

श्रीलंका सरकार के प्रवक्ता और मंत्री नलिंदा जयतिस्सा ने कहा, “हम जनता से आग्रह करते हैं कि वे बिजली और ईंधन का समझदारी से उपयोग करें और ऊर्जा खपत को न्यूनतम रखें।”

उन्होंने ईंधन की जमाखोरी के खिलाफ चेतावनी दी और ऐसे प्रयासों की जानकारी देने की अपील की।

मंत्री का यह बयान ईरान के अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में आया है, जिसके कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम रणनीतिक मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया है।

दो बार कीमतों में बढ़ोतरी के बाद ईंधन के दाम 2022 के आर्थिक संकट के स्तर तक पहुंचने वाले हैं।

इस अभूतपूर्व वित्तीय संकट के कारण तत्कालीन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को 2022 में नागरिक अशांति के बीच पद छोड़ना पड़ा था।

जयतिस्सा ने कहा कि हालिया मूल्य वृद्धि के बावजूद सरकार डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 20 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी देकर हर महीने 20 अरब रुपये का खर्च उठा रही है।

मंत्री ने कहा कि यदि ईंधन कीमतों में संशोधन नहीं किया जाता, तो सरकार पर लगभग 1.5 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ता।

भाषा योगेश अजय

अजय


लेखक के बारे में